सिख दंगा मामले में सज्‍जन कुमार को राहत नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने टाली जमानत याचिका पर सुनवाई

बुधवार को सिख दंगा मामले में दोषी करार दिए गए सज्‍जन कुमार को सुप्रीम कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली. शीर्ष अदालत ने सज्‍जन कुमार की ओर से दी गई जमानत याचिका पर सुनवाई जुलाई तक टाल दी. सज्‍जन कुमार ने खराब स्वास्थ्य के आधार पर जमानत की गुहार लगाई थी. लेकिन कोर्ट ने कहा कि अब जुलाई में इस मसले पर सुनवाई होगी.

सज्‍जन कुमार को दिल्‍ली हाई कोर्ट ने 1984 के सिख दंगा मामले से जुड़े एक केस में दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. कांग्रेस से जुड़े रहे सज्‍जन कुमार पर राजनगर में एक परिवार के पांच सदस्‍यों की हत्‍या का आरोप साबित हुआ है. सज्‍जन कुमार के खिलाफ हत्या, साजिश रचने, दंगा भड़काने और भड़काऊ बयानबाजी करने का आरोप लगा था.

दिल्‍ली में सिखों के खिलाफ दंगे 31 अक्‍टूबर, 1984 को तत्‍कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्‍या के बाद भड़के थे. इंदिरा गांधी की हत्‍या उनके दो सिख अंगरक्षकों ने की थी, जिसके बाद दंगे भड़क गए थे. निचली अदालत ने हालांकि सज्‍जन कुमार को इस मामले में बरी कर दिया था, लेकिन हाई कोर्ट में मामला पलट गया.

दिल्‍ली हाई कोर्ट ने 17 दिसंबर, 2018 को सुनाए अपने एक अहम फैसले में निचली अदालत के उस आदेश को खारिज कर दिया, जिसमें सज्‍जन कुमार को आरोपों से बरी किया गया था. जस्टिस एस. मुरलीधर और जस्टिस विनोद गोयल की पीठ ने आईपीसी की विभिन्‍न धाराओं के तहत सज्‍जन कुमार को सजा सुनाई थी.