वित्त मंत्री के 20 लाख करोड़ रुपये के पैकेज में किसको कितना फायदा होगा, जानें…

मंगलवार 12 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना संकट के बीच अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए 20 लाख करोड़ रुपये के पैकेज का ऐलान किया था. इस पैकेज के बारे में वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 13 मई बुधवार को विस्‍तार से जानकारी दी है. बुधवार को इस चरण में 14 अलग-अलग उपाय किए गए हैं.

इनमें से 6 MSMEs, 2 EPF, 2 NBFC और MFIs, 1 डिस्कॉम के लिए, 1 कॉन्ट्रैक्टर्स के लिए, 1 रियल एस्टेट के लिए और 3 टैक्स से जुड़े फैसले किए हैं. 10 पॉइंट्स में जानें निर्मला सीतारमण के इस पैकेज से किसको कितना फायदा होगा.

1. इनकम टैक्‍स रिटर्न फाइलिंग की डेडलाइन बढ़ा दी गई है. इसे 30 सितंबर कर दिया गया है. इसी तरह विवाद से विश्‍वास स्‍कीम की डेडलाइन को 31 दिसंबर 2020 तक कर दी गई है. पहले ये 30 जून तक के लिए था.

2. टैक्‍सपेयर्स को 31 मार्च 2021 तक टीडीएस कटौती में 25 फीसदी की राहत मिली है. यह इंटरेनट, रेंट, ब्रोकरेज सहित सभी पेमेंट पर लागू होगा. यह 14 मई से लागू होगा और 31 मार्च 2021 तक चलेगा. इससे लोगों के हाथ में 50,000 करोड़ रुपए आएंगे.

3. रियल एस्टेट के मामले में एडवाइजरी जारी होगा कि सभी प्रोजेक्ट्स को मार्च से आगे 6 महीने तक मोहलत दी जाए.

4. कैश की दिक्कत से जूझ रहीं डिस्कॉम कंपनियों को PFC और REC के जरिए 90,000 करोड़ रुपए का लिक्विडिटी मुहैया कराया जाएगा. इसमें मिलने वाली छूट लोगों तक पहुंचाना होगा.

5. नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनी, माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के लिए 30,000 करोड़ की विशेष लिक्विडिटी स्कीम लाई जा रही है. इससे नकदी का संकट नहीं रह जाएगा. एनबीएफसी को 45,000 करोड़ की पहले से चल रही योजना का विस्तार होगा. वहीं आं​शिक ऋण गारंटी योजना का विस्तार होगा, इसमें डबल ए या इससे भी कम रेटिंग वाले एनबीएफसी को भी कर्ज मिलेगा.

6. जो लोग EPF के दायरे में नहीं आते हैं उनकी टेकहोम सैलरी बढ़ाने के लिए PF कॉन्ट्रिब्यूशन 12 फीसदी से घटाकर 10 फीसदी कर दिया गया है. सरकारी कंपनियों में कंपनी को 12 फीसदी कॉन्ट्रिब्यूशन देना होगा लेकिन कर्मचारियों के पास यह विकल्प होगा कि वो अगले तीन महीने 10 फीसदी देना चाहते हैं या 12 फीसदी.

7. MSMEs को बिना किसी कोलैट्रल का 3 लाख करोड़ रुपए तक ऑटोमेटिक लोन मिलेगा. यह लोन 100 फीसदी गारंटीड और 4 साल के लिए होगा. यह स्कीम 21 अक्टूबर 2020 को खत्म होगी. इससे 45 लाख यूनिट्स को फायदा होगा. इससे उन्हें अपना कामकाज शुरू करने में मदद मिलेगी.

8. MSMEs के लिए जो दूसरा कदम उठाया जा रहा है वह ये है कि सरकारी खरीद में 200 करोड़ रुपए या इससे नीचे का ग्लोबल टेंडर नहीं दिया जाएगा. इससे MSMEs को बड़ी परियोजनाओं के लिए सप्लाई करने का मौका मिलेगा. सरकारी यूनिट्स सरकारी खरीद का हिस्सा बन सकती हैं.

9. टैक्स ऑडिट की डेडलाइन 30 सितंबर 2020 से बढ़ाकर 31 अक्टूबर 2020 कर दिया गया है. असेसमेंट ना करने की छूट जो अब तक सितंबर 2020 तक थी उसे बढ़ाकर दिसंबर 2020 कर दिया गया है. विवाद से विश्वास स्कीम को भी बढ़ाकर 31 दिसंबर 2020 कर दिया गया है.