पीएम मोदी का राष्‍ट्र के नाम संबोधन, बोले-लॉकडाउन 4 पूरी तरह से नए रंग रूप, नए नियमों वाला होगा

मंगलवार को लॉकडाउन के बीच एक बार फिर पीएम नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित किया. पीएम ने कहा कि दुनिया को चार महीने से ज्यादा समय कोरोना से लड़ते हुए बीत गया है. इस दौरान तमाम देशों के 42 लाख से ज्यादा लोग कोरोना से संक्रमित हुए हैं. उन्होंने कहा कि पौने तीन लाख से ज्यादा लोगों की दुखद मृत्यु हुई है. भारत में भी कई परिवारों ने अपने स्वजन खोए हैं. मैं सभी के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं.

पीएम मोदी ने संबोधन में कहा,लॉकडाउन का चौथा चरण, लॉकडाउन 4, पूरी तरह नए रंग रूप वाला होगा, नए नियमों वाला होगा. राज्यों से हमें जो सुझाव मिल रहे हैं, उनके आधार पर लॉकडाउन 4 से जुड़ी जानकारी भी आपको 18 मई से पहले दी जाएगी.

“सतर्क रहते हुए ऐसी जंग के सभी नियमों का पालन करते हुए अब हमें बचना भी है और आगे भी बढ़ना है. हमें अपना संकल्प और मजबूत करना होगा. ये संकल्प इस संकट से भी विराट होगा. हम पिछली शताब्दी से सुनते आए हैं कि 21वीं सदी हिंदुस्तान की है.”

भारत को बनना होगा आत्मनिर्भर
पीएम ने कहा कि हमें आत्मनिर्भर भारत बनाना होगा. उन्होंने कहा, एक राष्ट्र के तौर पर आज हम एक अहम मोड़ पर खड़े हैं. भारत के लिए इतनी बड़ी आपदा एक संदेश लेकर और एक अवसर लेकर आई है. पीएम ने उदाहरण देते हुए कहा कि, जब कोरोना संकट शुरू हुआ तब भारत में एक भी पीपीई किट नहीं बनती थी. एन-95 मास्क का कम उत्पादन होता था. आज भारत में ही हर रोज 2 लाख पीपीई और 2 लाख एन-95 मास्क बनाए जा रहे हैं. हम ये इसलिए कर पाए क्योंकि भारत ने आपदा को अवसर में बदल दिया.

पीएम मोदी ने कहा कि, “अर्थ केंद्रित वैश्वीकरण बनाम मानव केंद्रीय वैश्वीकरण की चर्चा जोरों पर है. भारत में आशा की किरण नजर आती है. भारत की संस्कृति और भारत के संस्कार वसुदैव कुटुंबकम की बात करती है. भारत जब आत्मनिर्भरता की बात करता है तो आत्म केंद्रित व्यवस्था की वकालत नहीं करता है. भारत की आत्मनिर्भरता में संसार की भी चिंता होती है.”

पीएम के संबोधन की बड़ी बातें

.जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ रही दुनिया में भारत की दवाईयां आशा लेकर पहुंच रही हैं. पूरी दुनिया में भारत की प्रशंसा होती है.
दुनिया को विश्वास होने लगा है कि भारत मानव जाति के कल्याण के लिए बहुत कुछ अच्छा दे सकता है. ऐसा 130 करोड़ भारतीयों के आत्मनिर्भर बनने के संकल्प से होगा.
.अगर हम ठान लें तो कोई लक्ष्य असंभव नहीं, कोई राह मुश्किल नहीं. आज तो चाह भी है और राह भी, अभी भारत को आत्मनिर्भर बनाने की जरूरत है.
.भारत की इमारत 5 पिलर पर खड़ी है. पहला पिलर अर्थव्यवस्था, दूसरा इंफ्रास्ट्रक्चर, तीसरा सिस्टम, चौता डेमोग्राफी और पांचवा पिलर डिमांड है.

मुख्यमंत्रियों से लिए थे सुझाव
इससे पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की थी. जिसमें राज्यों की तरफ से पीएम को कई सुझाव भी दिए गए. इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि हमें ये ध्यान रखने की जरूरत है कि ग्रामीण इलाकों में कोरोना न पहुंचने पाए. इस बैठक में कई राज्यों ने ट्ऱेन और हवाई यात्रा शुरू करने का भी विरोध जताया था. वहीं ज्यादातर बड़े राज्य एक बार फिर लॉकडाउन को आगे बढ़ाने के पक्ष में दिखे.

पीएम मोदी ने कहा कि “मैं विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा करता हूं. ये पैकेज आत्मनिर्भर भारत की कड़ी के तौर पर काम करेगा. पहले के ऐलान को मिला दें तो ये 20 लाख करोड़ रुपये का पैकेज है. ये पैकेज भारत की जीडीपी का करीब 10 प्रतिशत है. ये पैकेज देश की विकास यात्रा को नई गति देगा.”