बड़ी खबर : ट्रेन से पहुंचने वालों की राह नहीं आसान, मानने होंगे अपने-अपने राज्यों की मेडिकल गाइडलाइन

कोरोना वायरस के संक्रमण पर लगाम लगाने के लिए देश भर में ट्रेनों की सर्विस रोक दी गई थॆी. लेकिन 50 दिनों के बाद मंगलवार से एक बार फिर से पैसेंजर ट्रेन चलने लगी. इससे पहले सिर्फ मालगाड़ी और श्रमिक स्पेशल ट्रेंने ही चल रही थी. रेलवे ने यात्रियों के लिए कई तरह की गाइडलाइन तैयार की है. इसके अलावा ये भी कहा गया है कि राज्य सरकार ट्रेन से पहुंचने वाले यात्रिओं के लिए अलग से मेडिकल गाइडलाइ तैयार करेगी. लेकिन अभी तक राज्य सरकारों की तरफ से कुछ भी नहीं कहा गया है. हालांकि माना जा रहा है कि वहां भी लोगों को कड़े गाइडलाइन को फॉलो करना होगा.

सोमवार देर रात रेल मंत्रालय ने ट्वीट करते हुए कहा था कि इन ट्रेनों से अपने-अपने घर पहुंच कर राज्यों के मेडिकल गाइडलाइऩ को फॉलो करना होगा. मंत्रालय ने यात्रा करने वालों को सलाह दी है कि ऐसे सभी पैसेंजर अपने-अपने राज्यों के नियमों को जान लें. हालांकि राज्य सरकारों ने अभी तक इन ट्रेनों से पहुंचने वालों को लिए किसी तरह की कोई गाइडलाइन जारी नहीं की है.

बता दें कि श्रमिक स्पेशल ट्रेन से पहुंचने वाले मजदूरों का भी राज्यों में हेल्थ चेकअप होता है. बिहार में मजदूरों को क्वारनटीन सेंटर में 21 दिनों तक रखा जाता है. इसी तरह उत्तर प्रदेश में पहुंचते ही मजदूरों की जांच होती है और कोरोना के कोई लक्षण होने पर उसे क्वारनटीन में भेजा जाता है.

क्या ट्रेन यात्रा की गाइडलाइन:-
>> गृह मंत्रालय की ओर से जारी नए दिशा-निर्देशों के मुताबिक, इन ट्रेनों में सिर्फ वे लोग ही यात्रा कर पाएंगे जिनके पास कंफर्म ई-टिकट होगा.

>>सिर्फ ई-टिकट वाले शख्स को स्टेशन में एंट्री की इजाजत होगी, जिसके पास ई-टिकट होगा, उसे ही टैक्सी से स्टेशन तक आने की अनुमति होगी.

>>प्लेटफॉर्म पर हेल्थ चेकअप और स्क्रीनिंग में पास हुए यात्रियों को ही इन ट्रेनों में सफर के लिए परमिशन मिलेगी. अगर किसी शख्स में कोरोना के कोई भी हल्के लक्षण मिले, तो उन्हें कंफर्म टिकट होने के बाद भी ट्रेन में चढ़ने नहीं दिया जाएगा.

>>ट्रेन में यात्रा के दौरान यात्रियों को मास्क पहने रहना होगा और सैनिटाइजर का इस्तेमाल करना होगा. आपको अपने साथ गारबेज बैग भी रखना होगा.

>>ट्रेन में सोशल डिस्टेंसिंग का खास खयाल रखा जाएगा. इसलिए मिडिल बर्थ की बुकिंग नहीं होगी.

>>ट्रेन में चढ़ने, उतरने और पूरी यात्रा के दौरान यात्रियों को सोशल डिस्टेंसिंग का स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी हाइजीन के नियमों का पालन करना जरूरी है.

>>यात्रियों को ट्रेन के समय से 2 घंटे पहले स्‍टेशन पहुंचना होगा. सभी ट्रेनें लिमिटेड स्टॉपेज के साथ ही चलेंगी.