देश में गहराते कोरोना संकट के बीच स्वास्थ्य मंत्री ने दिया ये बड़ा बयान

देश में कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर गहराते संकट के बीच केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि हालांकि यहां अन्‍य विकसित देशों के मुकाबले संक्रमण के मामले कम हैं, पर इसे लेकर निरंतर सतर्कता बरते जाने की जरूरत है. उन्‍होंने 29.9 प्रतिशत के रिकवरी रेट पर जहां संतोष जताया, वहीं यह भी कहा कि देश कोरोना संक्रमण की सबसे खराब स्थिति का सामना करने के लिए भी तैयार है.

उनका यह बयान तब आया है, जबकि देश में कोरोना संक्रमण के आंकड़े 60 हजार के करीब पहुंच गए हैं और मृतकों की संख्‍या 1,981 हो गई है. उन्‍होंने कोरोना संक्रमण को लेकर शनिवार को पूर्वोत्‍तर राज्‍यों के मुख्‍यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्‍फ्रेंसिंग के जरिये आयोजित बैठक के दौरान कहा, ‘हम कई अन्य विकसित देशों की तरह अपने देश में बहुत खराब स्थिति का अनुमान नहीं लगा रहे हैं, फिर भी हमने पूरे देश को सबसे खराब स्थिति के लिए तैयार कर दिया है.’

देश में कोरोना के मरीजों के ठीक होने की दर पर संतोष जताते हुए उन्‍होंने कहा, ‘हमारी मृत्यु दर लगभग 3.3 प्रतिशत बनी हुई है, जबकि रिकवरी रेट बढ़कर 29.9 फीसदी हो गई है, ये बहुत अच्छे संकेत हैं. पिछले 3 दिनों में मामलों के दोगुने होने की दर लगभग 11 दिनों का रहा है, जबकि पिछले 7 दिनों में यह 9.9 दिन रहा है.’

उनका बयान ऐसे समय में आया है, जबकि देश के विभिन्‍न हिस्‍सों में कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं और आशंका जताई जा रही है कि यहां संक्रमण का ‘पीक’ यानी जब सबसे अधिक मामले सामने आए, का का समय जून-जुलाई में हो सकता है. इस बारे में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के निदेशक रणदीप गुलेरिया का भी गुरुवार को बयान आया था, जिसमें उन्‍होंने कहा कि देश में जून और जुलाई के महीनों में कोरोना वायरस का संक्रमण अपने उच्च स्तर पर पहुंच सकता है.