देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे उत्तराखंड के लोगों को ट्रेनों से लाने का खर्चा त्रिवेंद्र सरकार खुद उठाएगी

देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे उत्तराखंड के लोगों को ट्रेनों से लाए जाने का खर्चा त्रिवेंद्र सरकार खुद उठाएगी. उत्तराखंड सरकार ने गुजरात व महाराष्ट्र में फंसे लोगों की सूची रेल मंत्रालय और दोनों राज्य सरकारों को भेज दी है. सरकार ने फंसे सभी लोगों को 15 दिन में वापस लाने का भरोसा दिया है, हालांकि इसमें रेड जोन में फंसे लोग शामिल नहीं होंगे.

मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने बुधवार को सचिवालय मीडिया सेंटर में पत्रकार वार्ता की. उन्होंने बताया कि उत्तराखंड के 1321 लोग सूरत, 1102 अहमदाबाद जबकि 2277 लोग पुणे में फंसे हुए हैं. इनकी सूची रेल मंत्रालय के साथ ही गुजरात और महाराष्ट्र सरकारों को उपलब्ध करा दी है. अब दोनों राज्य, मंत्रालय से समन्वय कर इन्हें ट्रेनों से भेजने की व्यवस्था करेंगे. इन्हें हरिद्वार व काठगोदाम तक लाया जाएगा.

जहां स्क्रीनिंग के बाद इन्हें अनिवार्य होम क्वारंटाइन में रखा जाएगा. ट्रेनों से लाए जाने वाले लोगों का खर्च उत्तराखंड सरकार ही उठाएगी. मुख्य सचिव ने बताया कि राज्य में पंजीकृत श्रमिकों के खातों में एक-एक हजार रुपये की दूसरी किश्त भी डाल दी गई है. यह लाभ 1,98,000 श्रमिकों को मिला है.

विभिन्न प्रांतों में फंसे अब तक 7363 प्रवासी अपने घर लौट चुके हैं. मुख्य सचिव ने बताया कि ये लोग उत्तर प्रदेश, राजस्थान और चंडीगढ़ से लाए गए. वहीं, राज्य में विभिन्न जिलों में फंसे 8104 लोग अपने घरों को जा चुके हैं.

मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने बताया कि विदेशों में फंसे भारतीयों की वापसी की बाबत राज्य सरकार ने विदेश मंत्रालय से संपर्क साधा है. मंत्रालय से उत्तराखंड आने वाले विदेशी प्रवासियों की सूची मांगी जा रही है, ताकि जब उन्हें दिल्ली लाने के बाद उत्तराखंड लाया जाए तो क्वारंटाइन करने की उचित व्यवस्था की जा सके.