तेल की कीमत में ऐतिहासिक गिरावट, जीरो डॉलर से भी नीचे गया कच्चे तेल का दाम

कोरोना वायरस संकट ने दुनियाभर के कच्चे तेल (Crude Oil Price) उत्पादकों के लिए सबसे बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है. सोमवार को कारोबार के दौरान कनाडा के एक ऑयल प्रोडक्ट का भाव फिसलकर निगेटिव स्तर पर चला गया. इसके बाद अब ऑयल एंड एनर्जी सेक्टर ने कनाडा सरकार से मांग की है कि उन्हें राहत दी जाए.

तेल उत्पादकों का स्टोरेज फुल

हफिंग्टनपोस्ट कनाडा ने कुछ ऑयल एनलिस्ट्स के हवाले से लिखा है कि ऐसे तेल उत्पादकों की संख्या तेजी से बढ़ रही है जो ये कह रहे कि आप हमसे कुछ पेमेंट के साथ तेल भी फ्री में ले लें. इन उत्पादकों के पास अब स्टोरेज तक की जगह नहीं है. यह परेशानी खासतौर से उन उत्पादकों के लिए है जो ‘लैंडलॉक’ में हैं. इनके पास ग्लोबल शिपिंग रूट्स पर लिमिटेड एक्सेस है.

इस सप्ताह कच्चे तेल की कीमतों में 40 फीसदी तक गिरावट देखने को मिली है. ब्लूमबर्ग ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा कि बीते कुछ दशकों में ऐसा पहली बार हुआ है कि कच्चे तेल की कीमतों में इतनी बड़ी गिरावट आई है.

जीरो से नीचे पहुंचा कुछ प्रोडक्ट्स के भाव
कनाडा में यूनाइटेड कंजर्वेटिव पार्टी के लीडर जेसन कन्ने (Jason Kenney) ने सोमवार को एक स्क्रीनशॉट शेयर कर कहा कि ‘वेस्टर्न कनाडियन सेलेक्ट’ ऑयल का भाव -$0.01 डॉलर प्रति बैरल भाव पहुंच गया है. कच्चे तेल के दाम में यह गिरावट इसके बाद आया, जब निवेशकों को लगा कि OPEC और सहयोगी तेल उत्पादकों द्वारा कटौती का फैसला पर्याप्त नहीं है.

WTI के भाव में भी रिकॉर्ड गिरावट

सोमवार को ही वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) का भाव 80 फीसदी लुढ़क गया. साल 2020 के शुरुआत में यह भाव 60 डॉलर प्रति बैरल था. एक समय तो यह 2 डॉलर प्रति बैरल से भी कम हो गया. जानकारों का कहना है कि WTI के भाव में यह गिरावट ट्रेडिंग कॉन्ट्रैक्ट डेडलाइन की वजह से आया है. ऑयल ट्रेडर्स के पास मंगलवार तक समय है कि वो अपने मौजूदा फ्यूचर कॉन्ट्रैक्ट को बेचें. वहीं, अन्य तरह के क्रुड ऑयल के दाम सप्लाई में भारी गिरावट की वजह से आ रहा है.

ब्रेंट भी 20 डॉलर प्रति बैरल
कुल मिलाकर देखा जाए तो कोरोना वायरस की वजह से सभी तरह के कच्चे तेल का भाव रिकॉर्ड निचले स्तर पर है और इसमें लगातार गिरावट देखने को मिल रही है. ब्रेंट क्रुड (Brent Crude Oil) के भाव में सोमवार को 6 फीसदी तक की गिरावट देखने को मिली. फिलहाल यह 20 डॉलर प्रति बैरल के करीब ट्रेड कर रहा है. कच्चा तेल उत्पादक देश और कंपनियां अपने आउटपुट को घटाने में जुटी हैं