आरबीआई के गवर्नर बोले, 2020 ग्लोबल इकोनॉमी के लिए सबसे बड़ी मंदी का साल

कोरोना वायरस महामारी संकट की वजह से देश में चल रहे लॉकडाउन से अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचा है. ऐसे में इकोनॉमी को वापस पटरी पर लाने के लिए आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि आरबीआई कोरोना वायरस को लेकर सतर्क है. इस तरह के माहौल से आरबीआई करीब से निगरानी कर रहा है.

2020 ग्लोबल इकोनॉमी के लिए सबसे बड़ी मंदी का साल है.G-20 देशों में भारत की स्थिति बेहतर रहेगी. इन सब के बीच बैंकिंग कारोबार सामान्य बनाए रखने की कोशिशे जारी है. कोरोना वायरस का असर IIP पर असर फरवरी आंकड़ों के बाद दिखेगा.

लेकिन अच्छी बात ये हैं कि इस बार भारतीय मौसम विभाग ने इस साल अच्छे मानसून की उम्मीद जताई है. इससे देश की अर्थव्यवस्था को सहारा मिलेगा.

शक्तिकांत दास ने कहा कि देश के मौजूदा समय में विदेशी मुद्रा का पर्याप्त भंडार है. हालांकि, मार्च में देश के एक्सपोर्ट की हालात बेहद खराब रही है.

आपको बता दें कि इससे पहले मोदी सरकार ने कोरोना के कहर से अर्थव्‍यवस्‍था को उबारने के लिए 1.70 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज का एलान किया था.

वहीं, आरबीआई ने मार्च के अंत में ब्याज दरों (रेपो रेट) में 0.75 फीसदी कटौती का ऐलान किया. अब यह घटकर 4.4 फीसदी पर आई गई है. इसके बाद ही आम लोगों की EMI में कमी आई है. इसके अलावा बैंकों ने तीन महीने तक ईएमआई नहीं चुकाने की छूट भी ग्राहकों को दी है.