आम टेक्सपेयर्स और बिजनेसमैन को मिली बड़ी राहत, आयकर विभाग जारी करेगा 5 लाख तक ​का पेंडिंग रिफंड

कोरोना वायरस महामारी के इस संकट में आम टेक्सपेयर्स और बिजनेसमैन को राहत देते हुए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. वित्त मंत्रालय ने तुरंत 5 लाख रुपये तक के टैक्स रिफंड को जारी करने का आदेश दिया है. इस फैसले से 14 लाख टैक्सपेयर्स को फायदा होगा.

वित्त मंत्रालय ने जीएसटी और कस्टम के टैक्स रिफंड (GST and Tax Refund) भी जारी करने का आदेश दिया है. इससे 1 लाख बिजनेसमैन और MSME को राहत मिलेगी. सरकार कुल 18 हजार करोड़ रुपये का रिफंड जारी करेगी

इनकम टैक्स रिफंड- टैक्स रिटर्न फाइल करने के बाद ई-वेरिफिकेशन होता है. इसके बाद इनकम टैक्स रिफंड मिलने में करीब 2 से 3 महीनों का वक्त लगता है. हालांकि, कई बार, यह सिर्फ 15 दिनों में भी क्रेडिट हो जाता है. आयकर रिटर्न के ई-वेरिफिकेशन के बाद से ही रिफंड प्रोसेस होना शुरू हो जाता है. आयकर रिफंड का स्टेटस इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल और एनएसडीएल की वेबसाइट पर देखा जा सकता है. करदाताओं को वहां अपना पेन नंबर और असेसमेंट इयर दर्ज करना होगा.

रिफंड नहीं मिलने पर सबसे पहले आयकर विभाग की वेबसाइट पर अपने आयकर खाते में लॉग इन करें. इसके बाद माय अकाउंट्स और उसके बाद रिफंड और फिर डिमांड स्टेटस पर क्लिक करें. इसके बाद वह निर्धारण वर्ष भरें जिसका आपको रिफंड पता करना है. ऐसा करते ही रिफंड से जुड़ी जानकारी सामने आ जाएगी. इसमें रिफंड नहीं भेजने की जानकारी मिल जाएगी.

बैंक खाता संख्या सावधानी से भरें-सीधे खाते में रिफंड की रकम पाने के लिए बैंक खाते की जानकारी सावधानी से भरें. वैसे आजकल बैंक खाता और आपका रिटर्न पहले से जुड़ा होता है. अगर आपके पास पहले से जुड़ा खाता नहीं है तो सबसे पहले उसे सत्यापित करना होगा. इसके बाद ई-वेरिफिकेशन के लिए विकल्प दिखेंगे. ई-वेरिफिकेशन के उचित मोड को चुनें. अनुरोध को जमा करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक वेरिफिकेशन कोड (ईवीसी)/आधार ओटीपी को जेनरेट और उसे भरें. रिफंड री-इश्यू रीक्वेस्ट सबमिट करने के बाद एक मैसेज आएगा जिसका मतलब है कि आपका आवेदन सफलतापूर्वक स्वीकार कर लिया गया है. आपको जल्द रिफंड जारी किया जाएगा.