मुंबई का सबसे बड़ा कोरोना हॉटस्पॉट, 11 लोगों से 113 में फैला वायरस

कोरोना की मार झेल रहे मुंबई के जी-साउथ वॉर्ड में अभी तक वायरस के कुल 113 केस सामने आ चुके हैं. कोरोना संक्रमितों की यह संख्या कई राज्यों से भी अधिक है. अधिकारी अभी तक 11 इंडेक्स केस की पहचान करने में सफल हुए हैं, जिन्हें बाहर कहीं से संक्रमण हुआ और उनके जरिए परिवार, पड़ोस और अन्य लोग इस वायरस की चपेट में आ गए. डायरेक्ट या इनडायरेक्ट तरीके से इन 11 लोगों ने इलाके के 102 अन्य लोगों को संक्रमित कर दिया.

केस नंबर 1- प्रभादेवी के एक चॉल में रहने वाली 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला फूड वेंडर का काम करती थी. आसपड़ोस के बिजनस सेंटर्स में काम करने वालों को लंच देती थी. 24 मार्च को कोरोना टेस्ट पॉजिटिव आया और 2 दिन बाद 26 मार्च को मौत हो गई. बीएमसी के अधिकारियों का अनुमान है कि फूड स्टाल के पास बिजनस सेंटर में काम करने वाले किसी शख्स से संक्रमित हुई होगी. महिला के परिवार और पड़ोसियों को मिलाकर कुल 12 लोगों में संक्रमण फैला. सभी को इलाज के लिए कस्तूरबा हॉस्पिटल ले जाया गया.

केस नंबर 2- मार्च के पहले हफ्ते में ओमान से लौटे वरली-कोलिवाडा का एक शख्स कोरोना पॉजिटिव. उसे किसी तरह का लक्षण नहीं दिख रहा था. दो बार टेस्ट निगेटिव आया. मार्च के अंतिम हफ्ते में तीसरा टेस्ट हुआ, जिसका रिजल्ट पॉजिटिव आया. इलाके में यही एक शख्स है, जो हाल में विदेश से लौटा है. इसलिए अधिकारियों का मानना है कि शख्स की वजह में कई लोगों में संक्रमण फैला होगा. फिलहाल तो एक पड़ोसी के संक्रमित होने का मामला सामने आया है.

केस नंबर 3- ट्रॉम्बे की एक पब्लिक सेक्टर कंपनी में शेफ का काम करने वाला शख्स भी मार्च के अंतिम दिनों में कोरोना पॉजिटिव पाया गया. इसे संक्रमण कैसे हुआ, इस बारे में अभी जांच की जा रही है. इसके संपर्क में आने से वर्ली के 7 अन्य लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई है.

केस नंबर 4- आदर्श नगर में क्लिनिक चलाने वाले डॉक्टर और दो नर्सों को कोरोना पॉजिटिव पाया गया. अधिकारी अभी यह मान रहे हैं कि डॉक्टर को हॉस्पिटल से संक्रमण हुआ होगा और इस वजह से उसके कर्मचारी भी संक्रमित हो गए होंगे. प्रभादेवी में रहने वाले डॉक्टर, जनता कॉलोनी में रहने वाली दो नर्स, आदर्श नगर में रहने वाला एक मरीज संक्रमित हुए हैं.

केस नंबर 5- दक्षिणी मुंबई के एक डॉक्टर की क्लिनिक में टेक्निशन का काम करने वाले वरली-कोलिवाडा के एक शख्स को भी कोरोना संक्रमित पाया गया. डॉक्टर की क्लिनिक में काम करने वाले चौकीदार को भी पॉजिटिव पाया गया. टेक्निशन की वजह से वरली के 3 अन्य लोग संक्रमित हुए.

केस नंबर 6- वरली-बीडीडी चॉल के एक पुलिसकर्मी का टेस्ट अप्रैल के पहले हफ्ते में पॉजिटिव आया. पुलिसकर्मी मार्च के अंतिम हफ्ते में लोनावाला गया था. वह हाल ही में अपने भाई के अंतिम संस्कार में भी शामिल हुआ था. अधिकारियों का मानना है कि इन दोनों जगहों में से कहीं पर उसे संक्रमण हुआ होगा. उसकी वजह से परिवार के 2 अन्य लोग भी संक्रमित हो गए हैं.

केस नंबर 7- जीजामाता नगर के घने आबादी वाले चॉल में रहने वाली एक महिला का कोरोना टेस्ट मार्च के अंतिम हफ्ते में पॉजिटिव आया. इस महिला की वजह से 10 पड़ोसी भी संक्रमित हो गए. जी साउथ वार्ड के सबसे महत्वपूर्ण इंडेक्स केस में से एक है. बीएमसी अभी पता लगा रही है कि महिला में कोरोना संक्रमण आया कहां से.

केस नंबर 8- जीजामाता नगर का यह बीएमसी स्वीपर 4 अप्रैल को पॉजिटिव पाया गया. संभवत: धारावी में वह किसी संक्रमित की जद में आया. धारावी में ही 6 और कोरोना पॉजिटिव मिले हैं. इस शख्स के कारण जीजामाता नगर में 4 और संक्रमित हो गए.

केस नंबर 9- पिछले हफ्ते तक यह कुक मुंबई के एक अस्पताल में काम करता रहा. वह जीजामाता नगर में रहता है. अप्रैल के पहले हफ्ते में वह पॉजिटिव पाया गया. शायद वह अस्पताल में किसी संक्रमित शख्स की जद में आया होगा. बीएमसी भी इस सोर्स की जांच कर रही है. कुक के अलावा अब उसके परिवार में दो और संक्रमित हो गए.

केस नंबर 10- लोअर परेल इलाके में रहने वाले यह बुजुर्ग हाल ही में स्पेन से लौटे थे. घर पहुंचने पर उसने खुद को होम क्वारंटीन में रखा. मार्च के तीसरे हफ्ते में जांच हुई और पॉजिटिव पाए गए. माना जा रहा है कि स्पेन में वह किसी पॉजिटिव के संपर्क में आए और फिर खुद संक्रमित हो गए. अब उन्हें सख्त निगरानी में रखा गया है. राहत की बात यह है कि उनसे अभी तक किसी के संक्रमित होने की बात नहीं आई है.

केस नंबर 11- आदर्श नगर का शख्स. अप्रैल के पहले हफ्ते में पॉजिटिव मिला. मुलुंड के एक प्राइवेट अस्पताल में वह गया था और संभवत: वहीं वह कोरोना मरीज के संपर्क में आया. खुद संक्रमित होने के बाद उसकी जद में एक फैमिली मेंबर भी आ गए. उस शख्स का इलाज अभी चल रहा है.

साभार-नवभारत