योगी सरकार का बड़ा फैसला, 15 जिलों के खास इलाके इन शर्तों के साथ सील, जानें- क्यों नहीं होगी परेशानी

योगी सरकार ने 21 दिनों के लॉकडाउन की अवधि समाप्त होने तक प्रदेश के 15 जिलों के उन इलाकों को पूरी तरह सील करने का फैसला किया जिन जगहों पर कोविड-19 के ज्यादा केस मिले हैं. इस दौरान लोग खरीदारी करने के लिए अपने घरों से बाहर नहीं निकल पाएंगे. जरूरी सेवाओं के लिए उन्हें होम डिलीवरी पर निर्भर रहना होगा. राज्य के 15 जिलों जो पूरी तरह सील होंगे उनमें गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, लखनऊ, आगरा, वाराणसी, शामली, मेरठ, बरेली, महाराजगंज, बुलंदशहर, सीतापुर, कानपुर, फिरोजाबाद, सहारनपुर और बस्ती शामिल हैं.

मुख्य सचिव आरके तिवारी ने कहा, ‘इन 15 जिलों में कोविड-19 का संक्रमण का स्तर ज्यादा पाया गया है. इसलिए इन प्रभावित इलाकों को सील किया जाएगा. यहां केवल होम डिलीवरी एवं चिकित्सा टीम को जाने की इजाजत होगी. यह फैसला सामूदायिक संक्रमण को रोकने के लिए किया जा रहा है.’ यूपी सरकार का कहना है कि इन 15 जिलों के हॉटस्पॉट्स पर लॉकडाउन सौ प्रतिशत लागू होगा. इस बीच नोएडा के 12 और गाजियाबाद में 13 हॉटस्पॉट्स को सील कर दिया गया है.

जिलों को सील किए जाने के बारे में यूपी सरकार ने अपना स्पष्टीकरण भी दिया है. सरकार ने कहा है कि इन 15 जिलों के जिन इलाकों में कोरोना वायरस से संक्रमण के केस मिले हैं उन्हीं विशेष क्षेत्रों को सील किया जाएगा. साथ ही लॉकडाउन की अवधि तक इन इलाकों को सेनिटाइज किया जाएगा. बताया जा रहा है कि गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव और राज्य के डीजीपी सील लागू करने की योजना पर बैठक कर रहे हैं. इस बारे में अतिरिक्त गृह सचिव की ओर से शाम सवा चार बजे एक संवाददाता सम्मेलन बुलाई जा सकती है. समझा जाता है कि इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरकार के इस फैसले के बारे में विस्तृत ब्योरा दिया जाएगा.

इस बीच, कोविड-19 के खिलाफ अपनी जंग तेज करते हुए योगी सरकार ने राज्य के पुलिसकर्मियों को 50 लाख रुपए का बीमा देने की घोषणा की. अतिरिक्त मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी ने सरकार के इस फैसले की जानकारी दी. उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस से संक्रमण के अब तक 326 मामले सामने आए हैं. इनमें से 21 लोगों को उपचार के बाद ठीक किया जा चुका है जबकि तीन लोगों की मौत हुई है. योगी सरकार कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए गंभीरता के साथ कदम उठा रही है.

कोविड-19 के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों एवं सेवाओं की निगरानी खुद मुख्यमंत्री कर रहे हैं. लॉकडाउन के दौरान लोगों तक सेवाओं, दवाओं और सामग्रियों के पहुंचने में किसी तरह की कोई दिक्कत न हो इसके लिए मुख्यमंत्री ने एक टीम-11 बनाई है. यह टीम राज्य में सेवाओं के क्रियान्यवन को देख रही है. इसके अलावा जिलों में सामुदायिक किचन की स्थापना की गई है. मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी जिलाधिकारियों को जरूरतमंदों तक भोजन पहुंचाने का निर्देश दिया है.

इस दौरान किस तरह से लोगों को समान मिलेगा, कैसे बाकी काम होंगे, ये सारी खास बातें नीचे पढ़ें:

  • सील किए गए इलाकों में पूरी तरह होम डिलीवरी होगी, स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी और डिलीवरी वाले कर्मचारी ही इन इलाकों में जा पाएंगे.
  • 15 जिलों में जो हॉटस्पॉट हैं, उसमें सभी में पूरी तरह से सख्ती की जाएगी, यानी यहां पर कम्प्लीट लॉकडाउन लागू करवाया जाएगा.
  • इन इलाकों का कोई भी व्यक्ति ना ही यहां से बाहर जा पाएगा, और ना ही बाहर का कोई व्यक्ति इन इलाकों में एंट्री पा सकेगा, यानी पूरी तरह से आवाजाही रोकी जाएगी.
  • सरकार ने इन जिलों के उन इलाकों को सील करने का फैसला किया है, जहां से तबलीगी जमात के लोग पकड़े गए हैं, या जहां पर कोरोना पॉजिटिव मरीजों को रखा गया है.
  • इस दौरान फायर सर्विस की गाड़ियां इलाके को सेनेटाइज करेंगी.
  • सील किए गए पूरे इलाके में बैरियर लगाए जाएंगे और मैजिस्ट्रेट के साथ पुलिस अधिकारी इलाके की निगरानी करेंगे.
  • इन जिलों में जारी किए गए पासों की समीक्षा की जाएगी और अनावश्यक पासों को निरस्त किया जाएगा.
  • इन जिलों के कोरोना प्रभावित इलाकों यानी हॉटस्पॉट्स की सभी दुकानों, मंडियों आदि को भी बंद किया जाएगा.