यस बैंक संस्थापक राणा कपूर ने कोरोना वायरस को आधार बना कर अदालत में जमानत की अर्जी लगाई

निजी क्षेत्र के बैंक यस बैंक संस्थापक राणा कपूर ने दुनिया भर फैले में कोरोना वायरस को आधार बना कर अदालत में जमानत की अर्जी लगाई है. नवी मुंबई की तालोजा जेल में बंद कपूर ने अर्जी लगाई है कि अगर वह जेल में रहते हैं तो उन्हें कोरोना वायरस होने की आशंका है. लिहाजा उन्हें जमानत पर रिहा किया जाए.

वकील सुभाष जाधव के जरिये यस बैंक के पूर्व संस्थापक की याचिका में कहा गया है कि कपूर क्रॉनिक इम्यूनोडिफिशिएंसी सिंड्रोम से पीड़ित रहे हैं. उनके फेफड़ों में संक्रमण का खतरा है. याचिरा में कपूर ने दावा किया है कि वह बीते 1 साल से ज्यादा वक्त से हाई बीपी और डिप्रेशन के शिकार हैं. साथ ही वह ब्रोन्कियल अस्थमा से पीड़ित है, जिसके चलते उन्हें फेफड़े का संक्रमण होने का खतरा है. जिससे उनकी जांच भी जा सकती है.

जमानत अर्जी में कपूर ने वायरस की मौजूदा स्थिति का हवाला देते हुए कहा कि उन्हें संक्रमित होने का खतरा है और उनकी मौत हो सकती है. इस मामले की सुनवाई अगले हफ्ते सोमवार को होगी.

62 वर्षीय कपूर को ईडी ने आठ मार्च को मुंबई में गिरफ्तार किया गया था और फिलहाल वह न्यायिक हिरासत में है. ईडी के मुताबिक कपूर के कार्यकाल में 30,000 करोड़ रुपये का लोन दिया गया, जिनमें से 20,000 करोड़ रुपये का लोन डूब गया. उनपर और भी वित्तीय अनियमिताएं करने का आरोप है.