आयकर रिटर्न दाखिल करने की आखिरी तिथि 30 जून तक बढ़ी

कोरोना वायरस के बढ़ते कहर के बीच सभी को सरकार से मदद यानि बेलआउट पैकेज का इंतजार है. सरकार ने इस बेलआउट पैकेज की तैयारी तो पहले ही शुरू कर दी थी लेकिन आज इसका औपचारिक ऐलान किया जा सकता है.

वित्त मंत्री ने 2018-19 वित्तीय वर्ष के लिए इनकम टैक्स रिटर्न की आखिरी तारीख 30 जून कर दी है.
लेट टैक्स रिटर्न पर इंटरेस्ट को 12 फीसदी से घटाकर 9 फीसदी कर दिया गया है.

Pan-AADHAR लिंक डेट 30 जून

विवाद से विश्वास स्कीम की डेडलाइन भी बढ़ाई गई
जीएसटी और कस्मेंटम क्लीयरेंस में भी मिलेगी राहत, करदाताओं के सम्मान के लिए सरकार ये स्कीम लाई थी. इसके साथ ही सरकार ने कहा है कि इसके लिए करदाताओं को 24.7 हेल्प मिलेगी.

नई कंपनियों को रजिस्ट्रेशन कराने के लिए 6 महीने की रियायत दी गई है. बोर्ड मीटिंग करने के लिए ऐसी कंपनियों को 60 दिन की मोहलत दी गई है.
बैंकिंग और इनसॉल्वेंसी के मामलों में भी राहत दी गई है. MSME सेक्टर के लिए फंड को बढ़ाकर 1 करोड़ कर दी गई है.

डेबिट कार्ड इस्तेमाल करने पर किसी भी तरह के चार्ज नहीं लिये जाएंगे.इसमें दूसरे बैंकों से पैसे विद ड्रा करना भी शामिल होगा. इसके अलावा कोरोना की वजह से बैंक अकाउंट में किसी भी तरह के मिनिमम बैलेंस की सीमा को हालात देखते हुए खत्म कर दी गई है. इसके साथ ही वित्त मंत्री ने लोगों से कोरोना वायरस से बचाव के लिए घर में रहने की गुजारिश की और सिर्फ जरूरी होने पर ही बैंक आने की सलाह दी है.

वित्त मंत्री ने इस बात के संकेत दिए हैं कि जल्द ही कोरोना वायरस से प्रभावित सेक्टरों के लिए राहत पैकेज की घोषणा की जा सकती है. इसके अलावा, सेबी और रिजर्व बैंक की तरफ से कुछ राहत दी जा सकती है.

हालांकि लोगों को आर्थिक पैकेज की उम्मीद थी लेकिन वित्त मंत्री ने कांफ्रेंस शुरू करने के साथ ही ये स्पष्ट कर दिया था कि आज वो सिर्फ फाइनेंशियल ऑपरेशनल से संबंदित घोषणाएं करेंगी.

सल वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण दोपहर दो बजे मीडिया से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात करेंगी.खुद वित्त मंत्री ने ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी.

आपको बता दें कि कोरोना की वजह से देश में हालात बिगड़ते जा रहे हैं. कल जहां शेयर मार्केट में गिरावट की वजह से निवेशको के 14 लाख करोड़ स्वाहा हो गए. वहीं कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या 500 के करीब पहुंच चुकी है और 10 लोगों की मौत हो चुकी है.

हालात को काबू में करने के लिए सरकार ने देश के 32 राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों के 560 जिलों में कोरोनावायरस संक्रमण को रोकने के लिए पूरी तरह लॉकडाउन कर दिया है.