मध्यप्रदेश में फिर से शिवराज सरकार, साबित किया बहुमत

मध्य प्रदेश में भाजपा की सरकार बन गई है. सोमवार रात को 9 बजे शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और आज यानी मंगलवार सुबह उन्होंने विधानसभा में बहुमत भी साबित कर दिया. शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री के रूप में अपने चौथे कार्यकाल के लिए मध्य प्रदेश विधानसभा में सर्वसम्मति से विश्वास प्रस्ताव जीता. इस दौरान कांग्रेस का एक भी विधायक मतदान के समय विधानसभा में मौजूद नहीं था. सपा, बसपा और निर्दलीय विधायकों ने प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया.

230 विधानसभा सीटों वाली मध्य प्रदेश में अभी 24 सीटें खाली हैं. बहुमत साबित करने के लिए 104 सीटों की जरूरत थी, बीजेपी के पास 107 विधायक हैं. सदन में मौजूद सभी विधायकों ने हां कहकर प्रस्ताव पास कर दिया. इस दौरान बीएसपी के 2, एसपी के 1 और 2 निर्दलीय विधायकों ने शिवराज के समर्थन में वोट किया. चौहान ने एक पंक्ति का विश्वास प्रस्ताव पेश किया जिसे सदन में उपस्थित सत्ता पक्ष के विधायकों ने ध्वनिमत से अपना समर्थन दिया. विश्वास मत पारित करने की घोषणा के बाद सदन की कार्यवाही 27 मार्च तक के लिए स्थगित कर दी गई.

इससे पहले बसपा, सपा और निर्दलीय विधायकों का कमलनाथ सरकार को समर्थन था. सपा के विधायक ने शिवराज सरकार का समर्थन किया वही सपा प्रमुख अखिलेश यादव बीजेपी पर निशाना साध रहे हैं. अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा, ‘मध्य प्रदेश में जिस प्रकार सरकार गठन की सामूहिक प्रक्रिया जारी है, वो साबित करती है कि देश से भाजपा कोरोना को लेकर दिखावटी अपील कर रही है. सत्ता प्राप्ति के अलावा भाजपा कुछ और नहीं सोच सकती. जो लोग शपथ के इस कार्यक्रम का आयोजन करने के लिए मजबूर हैं, ये उनके जीवन से खिलवाड़ है.’