देश में लगा जनता कर्फ्यू

भारत में कोरोना वायरस जैसी गंभीर महामारी के खिलाफ जनता कर्फ्यू लगाया गया है. जिसमें एक दिन का बंद है. सभी जगह बंद रहेंगी. लेकिन कुछ जगहों पर जरूरी सामान पूरा मिलेगा.

भारत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बुलाए गए अभूतपूर्व ‘जनता कर्फ्यू’ का अवलोकन किया. कोरोना वायरस धीमा करने के लिए जनता कर्फ्यू लगाया गया है. भारत में अब तक कोविद-19 के 333 मरीज हो गए हैं. दुनिया भर में बढ़ रहे सकारात्मक मामलों की संख्या के साथ, सरकारें स्कूल, कॉलेज, रेस्तरां, मॉल और सार्वजनिक स्थानों को बंद का ऐलान किया है.वहीं राजस्थान में लॉकडाउन कर दिया गया है.

रविवार को सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक जनता कर्फ्यू लगाया गया है. इसकी अवधि 14 घंटे की रखी गई है. इसके बाद सभी लोगों को अपने घरों के बाहर सिर्फ 5 मिनट के लिए हाथ में थाली या तालियां बजानी है.

ये उन लोगों के लिए होंगी जो कोरोना वायरस के खिलाफ जंग लड़ रहे लोगों की मदद कर रहे हैं। इसमें डॉक्टर, नर्स और उनका स्टाफ है.जो ऐसे नाजुक हालातों में काम करते हैं. जनता कर्फ्यू और कर्फ्यू में फर्क जनता कर्फ्यू और कर्फ्यू में बहुत बड़ा अंतर है.

जनता कर्फ्यू लोगों का लोगों के लिए खुद पर लगाया गया कर्फ्यू होता है. जिसमें लोग अपने घरों में रहते हैं. इसमें अगर आप घर से बाहर निकलते हैं तो आप पर कोई एक्शन नहीं होता है. लेकिन वहीं दूसरी तरफ कर्फ्यू होता है, जो सरकार की तरफ से लगाया जाता है. इसमें नियम तोड़ने वालों पर सरकार कार्रवाई करती है.