बॉलीवुड सिंगर कनिका कपूर के व्यवहार से डॉक्टर और अन्य कर्मचारी परेशान, अस्पताल में फाइव स्टार होटल जैसी सुविधाएं चाहिए

पहले लंदन से आने के बाद भी आइसोलेशन में न जाने और बाद में कोरोना वायरस से पीड़ित होने के चलते बॉलीवुड सिंगर कनिका कपूर को आलोचनाओं का शिकार होना पड़ रहा है. वहीं अब अस्पताल में उनका व्यवहार डॉक्टरों और अन्य कर्मचारियों के लिए परेशानी बनता जा रहा है. अब उन्हें अस्पताल में फाइव स्टार होटल जैसी सुविधाएं चाहिए.

इस बात पर लखनऊ स्थित एसजीपीजीआई के निदेशक ने सख्त रवैया अपनाया है. साथ ही उन्होंने बताया कि कनिका को पहले ही काफी बेहतर सुविधाएं दी जा रही हैं. लेकिन उन्हें यह समझना होगा कि वे यहां पर एक मरीज हैं, न कि कोई सेलिब्रिटी.

उन्हें अपना स्टार वाला व्यवहार यहां नहीं दिखाना होगा. वहीं कनिका ने अच्छे बैड, बैडशीट, टॉयलेट और बढ़िया खाने की बात करते हुए अस्पताल के चिकित्सकों और कर्मचारियों की नाक में दम कर रखा है. उनकी मांग है कि उनके लिए अलग से खाने की व्यवस्‍था की जाए.

कनिका कपूर ने पीजीआई के तमाम चिकित्सकों और स्टाफ को लगातार कहा है कि अगर उनको सुविधाएं नहीं दी जाएंगी तो उसका विरोध करेंगी. बता दें कनिका कपूर को एसजीपीजीआई के कोरोना वार्ड में आइसोलेट करके वहां के चिकित्सक इलाज कर रहे हैं. एसजीपीजीआई न सिर्फ देश, बल्कि दुनिया का जाना माना चिकित्सा संस्थान

कनिका कपूर की मांग से आजिज आकर एसजीपीजीआई के निदेशक डॉ आरके धीमान ने कहा है, “कनिका कपूर अस्पताल में एक मरीज की तौर पर आई हैं न कि एक सिनेमा स्टार की तरह.  उन्होंने बताया कि उन्हें अलग से कमरा दिया गया है जो एयर कंडीशंड है और उसी कमरे के साथ एक टॉयलेट अटैच है. इसके साथ ही उन्हें एक मरीजों का बैड और टेलीविजन भी उपलब्‍ध करवाया गया है.

धीमान ने कहा कि उन्हें हैल्दी  डाइट दी जा रही है जिसे अस्पताल के किचन में बनाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि उन्हें सभी सुविधाएं दी जा रही हैं. पीजीआई के निदेशक आर के धीमान ने इस बात को माना है कि कनिका कपूर ने जिस तरह से चिकित्सकों के साथ व्यवहार किया है, वह इसके खिलाफ हैं. उन्होंने कहा कि कनिका कपूर एक जिम्मेदार और देश की जानी-मानी बुद्धिजीवी महिला हैं लेकिन वो उचित व्यवहार नहीं कर रही हैं.

बता दें कई लोगों की जान आफत में डालने के बाद कनिका कपूर के खिलाफ लखनऊ के सरोजनी नगर थाने में एफआइआर भी दर्ज हो चुकी है.