कोरोना वायरस पर देश के नाम संबोधन में पीएम मोदी ने कहीं ये बड़ी बातें

शुक्रवार को कोरोना वायरस से संबंधित कई जानकारियों से अवगत कराने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को सम्बोधित किया. इस दौरान उन्होंने कई जरूरी बातें कही. साथ ही उन्होंने एक शब्द ‘जनता कर्फ्यू’ का इस्तेमाल किया. आइए जानते हैं कि उन्होंने कौन सी दस बड़ी बातों से देश की जनता को अवगत कराया.

1. नरेंद्र मोदी ने कहा कि दुनिया के जिन देशों में कोरोना वायरस का प्रभाव ज्यादा देखा जा रहा है, वहां शुरुआती कुछ दिनों के बाद अचानक बीमारी का जैसे विस्फोट हुआ है. इन देशों में कोरोना से संक्रमित लोगों की संख्या बहुत तेजी से बढ़ी है.

उन्होंने कहा कि आज हमें ये संकल्प लेना होगा कि हम स्वयं संक्रमित होने से बचेंगे और दूसरों को भी संक्रमित होने से बचाएंगे. इस तरह की वैश्विक महामारी में एक ही मंत्र काम करता है- ‘हम स्वस्थ तो जग स्वस्थ’.

2. प्रधानमंत्री ने कहा कि आज 130 करोड़ देशवासियों को अपना संकल्प और दृढ़ करना होगा कि हम इस वैश्विक महामारी को रोकने के लिए एक नागरिक के नाते, अपने कर्तव्य का पालन करेंगे. केंद्र सरकार, राज्य सरकारों के दिशा निर्देशों का पालन करेंगे.

3. नरेंद्र मोदी ने कहा कि मेरा सभी देशवासियों से ये आग्रह है कि आने वाले कुछ सप्ताह तक जब बहुत जरूरी हो तभी अपने घर से बाहर निकलें. जितना संभव हो सके, आप अपना काम, चाहे बिजनेस से जुड़ा हो, ऑफिस से जुड़ा हो, अपने घर से ही करें.

4. उन्होंने कहा कि कोरोना जैसी वैश्विक महामारी के खिलाफ लड़ाई के लिए भारत कितना तैयार है, ये देखने और परखने का भी समय है. पिछले 2 महीनों से लाखों लोग अस्पतालों, एयरपोर्ट, शहरी की गलियों में दिन-रात काम में जुटे हुए हैं. चाहे डॉक्टर, नर्स, सफाई कर्मचारी, एयरलाइंस कर्मचारी, सरकारी कर्मचारी, रेलवे-बस कर्मचारी, होम डिलीवरी करने वाले लोग,ये अपनी परवाह न करते हुए दूसरों की सेवा में लगे हुए हैं.

5. प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं चाहता हूं कि 22 मार्च रविवार के दिन हम ऐसे सभी लोगों को धन्यवाद अर्पित करें. रविवार को ठीक 5 बजे हम अपने घर के दरवाजे पर खड़े होकर, बाल्कनी में, खिड़कियों के सामने खड़े होकर 5 मिनट तक ऐसे लोगों का आभार व्यक्त करें.

उन्होंने कहा कि पूरे देश के स्थानीय प्रशासन से भी मेरा आग्रह है कि 22 मार्च को 5 बजे सायरन की आवाज से इसकी सूचना लोगों तक पहुंचाएं. ‘सेवा परमो धर्म’ के हमारे संस्कारों को मानने वाले ऐसे देशवासियों के लिए हमें पूरी श्रद्धा के साथ अपने भाव व्यक्त करने होंगे.

6. प्रधानमंत्री ने कहा कि संकट के इस समय में आपको ये भी ध्यान रखना है कि हमारी आवश्यक सेवाओं पर, हमारे अस्पतालों पर दबाव भी निरंतर बढ़ रहा है. इसलिए मेरा आपसे आग्रह ये भी है कि रूटीन चेक-अप के लिए अस्पताल जाने से जितना बच सकते हैं उतना बचें.

7. नरेंद्र मोदी ने कहा कि कोरोना महामारी से उत्पन्न हो रही आर्थिक चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए, वित्त मंत्री के नेतृत्व में सरकार ने एक COVID-19-Economic Response Task Force के गठन का फैसला लिया है. उन्होंने कहा कि संकट के इस समय में मेरा देश के व्यापारी जगत, उच्च आय वर्ग से भी आग्रह है कि अगर संभव है तो आप जिन-जिन लोगों से सेवाएं लेते हैं, उनके आर्थिक हितों का ध्यान रखें.

8. प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं देशवासियों को आश्वस्त करता हूं कि देश में दूध, खाने-पीने का सामान, दवाइयां, जीवन के लिए ज़रूरी ऐसी आवश्यक चीज़ों की कमी ना हो इसके लिए तमाम कदम उठाए जा रहे हैं. ये सप्लाई कभी रोकी नहीं जाएगी. देशवासी जरूरी सामान संग्रह करने की होड़ न लगाएं.

9. प्रधानमंत्री ने कहा कि हो सकता है आने वाले दिनों में ये लोग दफ्तर न आ पाएं, आपके घर न आ पाएं. ऐसे में उनका वेतन न काटे, पूरी मानवीयता और संवेदनशीलता के साथ फैसला लें.हमेशा याद रखिएगा कि उन्हें भी अपना परिवार चलाना है, परिवार को बीमारी से बचाना है.

10. साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मैं आज प्रत्येक देशवासी से एक और समर्थन मांग रहा हूं. ये है जनता-कर्फ्यू.

क्या है जनता कर्फ्यू

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जनता कर्फ्यू का मतलब है जनता के लिए जनता द्वारा खुद पर लगाया गया कर्फ्यू. जिसके अन्तर्गत प्रधानमंत्री ने कहा है कि इस रविवार यानि 22 मार्च को सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक सभी देशवासियों को जनता-कर्फ्यू का पालन करना है.

इसका अर्थ है कि उस दिन सुबह 7 बजे से लेकर रात के 9 बजे तक अपने घर में रहना है. न बाजार जाना है और न किसी भी तरह की भीड़भाड़ में शामिल होना है. उन्होंने कहा कि जनता-कर्फ्यू के दौरान कोई भी व्यक्ति अपने घरों से न निकलें, न सड़क पर जाएं, सोसाइटी में एकत्र न हों और अपने घरों में ही रहें.