दिग्विजय सिंह ने कर्नाटक हाईकोर्ट में दायर की याचिका, जानिए पूरा मामला

बेंगलुरु में बुधवार की सुबह रिजॉर्ट के पास नाटकीय घटनाक्रम देखने को मिला, जहां मध्य प्रदेश के बागी कांग्रेस विधायक ठहरे हुए हैं. पार्टी के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने पुलिस पर विधायकों से मुलाकात न करने देने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया. इसके बाद उन्हें हिरासत में लिया. हिरासत से छूटने के बाद दिग्विजय सिंह ने कर्नाटक हाईकोर्ट में याचिका दायर की.

दिग्विजय सिंह ने कहा, ‘मैंने कर्नाटक हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की है, जिसमें मध्य प्रदेश के कांग्रेस विधायकों से मिलने की अनुमति मांगी गई है जिन्हें बेंगलुरु में रखा गया हैं.’

इधर, मध्य प्रदेश मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा है कि हर राज्यसभा उम्मीदवार की कोशिश रहती है कि वो सब विधायकों से उसे वोट देने का निवेदन करे. दिग्विजय सिंह भी गए थे पर उन्हें कहा गया कि आप उनकी सुरक्षा के लिए खतरा हैं. एक व्यक्ति और 500 कर्नाटक पुलिसकर्मी, दिग्विजय सिंह एक राष्ट्रीय खतरा बन गए?

बेंगलुरु पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए दिग्विजय सिंह ने बीजेपी पर विधायकों को बंधक बनाने का आरोप लगाया था और कहा कि वह ‘भूख हड़ताल’ करेंगे. रिजॉर्ट के भीतर कांग्रेस विधायक उनसे मिलना चाहते हैं लेकिन उन्हें ऐसा करने नहीं दिया जा रहा है. अपने कांग्रेस विधायकों से मिलना मेरा अधिकार है. मैं बीजेपी विधायकों से नहीं मिलना चाहता. मैं कांग्रेस विधायकों से मिलना चाहता हूं. लोगों ने उन्हें कांग्रेस विधायक के तौर पर वोट दिया था न कि बीजेपी विधायकों के तौर पर.’

वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने दावा किया कि विधायकों का कोई पत्र उन्हें नहीं दिखाया गया. उन्हें फोन पर कुछ दिखाया गया जिसमें दो विधायकों के नाम थे, ‘इनमें से एक मेरी सरकार में मंत्री थे.’ उन्होंने कहा कि उन्हीं विधायकों ने मुझसे यहां आने को कहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि विधायकों के जाली जाली हस्ताक्षर लिए गए.

कांग्रेस के 22 बागी विधायकों ने मंगलवार को संवाददाता सम्मेलन किया था और दावा किया था कि पार्टी के 20 और विधायक उनके साथ आना चाहते हैं और वे आने वाले दिनों में भाजपा में आने पर विचार कर रहे हैं. कांग्रेस को बड़ा झटका देते हुए उसके प्रतिष्ठित युवा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पार्टी छोड़ दी थी और इसके बाद मध्य प्रदेश से पार्टी के 22 विधायकों ने इस्तीफा दे दिया. इसके साथ 15 महीने पुरानी कमलनाथ सरकार गिरने के कगार पर पहुंच गई है. सिंधिया 11 मार्च को भाजपा में शामिल हो गए थे.