कोरोना संक्रमण का असर, वैष्णो देवी यात्रा पर लगी रोक

कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए ज्यादातर मंदिरों में दर्शन पर रोक लगा दी गई है, हालांकि रोजाना भोग आदि की प्रक्रिया संपन्न होती रहेगी. इसी क्रम में श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने बड़ा फैसला किया है. कोरोना के खतरे से आम श्रद्धालुओं की परेशानी न बढ़े इसके मद्देनजर वैष्णो देवी की यात्रा फिलहाल रोक दी गई है. इसके साथ ही वैष्णों देवी तक आने-जाने वाली सभी राज्यों की बसों की आवाजाही पर भी रोक लगा दी गई है.

कोरोना के खौफ का असर कुछ दिनों से यात्रा पर दिखाई भी दे रहा था. कुछ दिन पहले तक जहां श्री माता वैष्णो देवी की यात्रा में रोजाना 25 हजार श्रद्धालू शामिल हुआ करते थे. लेकिन अब उनकी संख्या में कमी आई है. यह संख्या मंगलवार को घटकर करीब 13, 500 हो गई थी और बुधवार दोपहर तक यह आंकड़ा सिमट कर महज 35 सौ भक्तों का रह गया.

कटड़ा से अब काफी कम संख्या में श्रद्धालू दर्शन के लिए जा रहे थे. लेकिन ऐहतियात के तौर पर भक्त अब खुद ही भीड़भाड़ वाली जगह जाने से बच रहे हैं. कोरोना वायरस के चलते श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने मंगलवार को सभी यात्रियों से फिलहाल यात्रा पर ना आने अपील की थी.इसके साथ ही श्राइन बोर्ड ने वैष्णो देवी मंदिर में होने वाली आरती, अर्धकुमारी में गर्भजून गुफा और समूहों की यात्रा पर भी पाबन्दी लगा दी है.

इससे पहले बोर्ड ने माता वैष्णो देवी के दर्शनों के लिए पहुंच रहे श्रद्धालुओं के लिए खुद के बारे में जानकारी देने वाले फार्म को अनिवार्य कर दिया था. श्रद्धालुओं को यह जानकारी देनी जरूरी थी कि क्या वो संक्रमण के शिकार तो नहीं है या हाल ही में किसी कोरोना प्रभावित देश का तो दौरा नहीं किये है. वैसे ऐहतियात के तौर श्रद्धालुओं को थर्मल स्कैनिंग से गुजरना अनिवार्य कर दिया गया था.