सुप्रीमकोर्ट का अहम फैसला, थल सेना के बाद नौसेना में महिला अधिकारियों को मिलेगा स्थायी कमीशन

थल सेना के बाद नौसेना में महिला अधिकारियों के लिए स्थायी कमीशन का रास्ता साफ हो गया है. सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को अपने एक अहम फैसले में नौसेना में पुरुष अधिकारियों की तरह महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन देने का आदेश दिया. जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ एवं जस्टिस अजय रस्तोगी की पीठ ने यह अहम फैसला सुनाया. पीठ ने कहा कि स्थायी कमीशन देने में पुरुष और महिलाओं के बीच कोई भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए.

अदालत ने कहा कि देश की सेवा करने वाली महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन देने से इनकार करने पर न्याय को नुकसान होगा. कोर्ट ने अपने फैसले में कहा, ‘महिला अधिकारियों की भर्ती के लिए जब एक बार वैधानिक अवरोध हटा दिया गया तो स्थायी कमीशन देने में पुरुष और महिलाओं के साथ समान व्यवहार किया जाना चाहिए.’कोर्ट ने नौसेना में खाली पद के आधार पर तीन महीने के भीतर महिला अधिकारियों के आवेदन पर विचार करने का आदेश दिया.

बता दें कि केंद्र सरकार दिल्ली हाई कोर्ट सितंबर 2015 के फैसले के खिलाफ शीर्ष अदालत गई थी. दिल्ली हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन के दायरे से बाहर रखने का कोई ठोस वजह नहीं है. मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने सरकार की उस दलील को खारिज कर दिया जिसमें कहा गया कि महिला अधिकारियों की मनोवैज्ञानिक वजह को देखते हुए उन्हें स्थायी कमीशन नहीं दिया जाता.

कोर्ट ने कहा कि ‘लैंगिक भेदभाव’ है. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा, ‘महिलाओं को सेवा से वंचित रखना सीधे तौर पर भेदभाव है.’ पीठ ने कहा, ‘महिला अधिकारी भी उसी क्षमता के साथ काम कर सकती हैं जैसे कि पुरुष अधिकारी और इसमें कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए.’

महिलाओं को सेना में स्थायी कमीशन देने के बारे में सुप्रीम कोर्ट ने गत फरवरी में भी एक अहम फैसला दिया. इस फैसले में शीर्ष अदालत ने का कि महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन न देना उन्हें उनके हक से वंचित करने जैसा है. कोर्ट ने कहा कि महिला अधिकारी भी पुरुषों की तरह स्थायी कमीशन की हकदार हैं. अदालत ने कहा कि महिलाओं की तैनाती भी पुरुषों की तरह कमान पोस्ट पोस्ट पर होनी चाहिए.

बता दें कि सेना में महिला अधिकारियों को अब तक लॉजिस्टिक, लॉ और एजुकेशन विभाग में स्थायी कमीशन मिला हुआ है. महिलाओं अधिकारियों को स्थायी कमीशन सिगनलस, इंजीनियर,आर्मी एविएशन, आर्मी एयर डिफेंस, इलेक्ट्रानिक्स, मेकनिकल इंजीनियर विभाग, आर्मी सर्विस कोर, आर्मी ऑर्डिनेंस कोर और खुफिया विभाग में मिल सकता है. चीफ ऑफ आर्मी स्टॉफ जनरल बिपिन रावत भी महिलाओं को कमांड पोस्ट पर तैनात करने के पक्ष में हैं लेकिन उनका कहना है कि यह तैनाती किस प्रकार से होगी इस बारे में एक रूपरेखा बनाने की जरूरत है.