निर्भया मामला : राम सिंह की मौत के मामले पर वकील ने खटखटाया मानवाधिकार आयोग का दरवाजा, मुआवजे की मांग की

निर्भया केस में दोषियों के वकील एपी सिंह ने अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का दरवाजा खटखटाया है. एपी सिंह ने दोषी राम सिंह की मौत के मामले पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का दरवाजा खटखटाया है. राम सिंह ने तिहाड़ जेल के अंदर कथित रूप से आत्महत्या कर ली थी. वकील ने राम सिंह की मां के लिए मुआवजे की मांग की है.

ता दें कि साल 2012 में निर्भया के साथ चलती बस में 6 दरिंदों में गैंगरेप किया था. इस मामले की सुनवाई के दौरान दोषी राम सिंह तिहाड़ जेल में कथित तौर पर खुदकुशी कर ली थी. जबकि एक नाबालिग को तीन साल सुधार गृह में रहने के बाद साल 2015 में रिहा कर दिया गया था. इसके अलावा चार दोषियों को मौत की सजा सुनाई गई है और 20 मार्च को चारों दोषियों को फांसी पर लटकाने के लिए डेथ वारंट भी जारी हो चुका है.

दूसरी तरफ, दोषियों की तरफ से बार-बार अदालत में याचिका दायर कर फांसी को टालने की कोशिश की जाती रही है. चारों में से एक दोषी मुकेश ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर मांग की थी कि उसके सभी कानूनी विकल्पों को बहाल किया जाए क्योंकि पुराने वकील ने उसे गुमराह किया था और उससे जबरन सभी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाए थे. जस्टिस अरुण मिश्रा और जस्टिस एमआर शाह की बेंच ने इस याचिका को खारिज करते हुए कहा के इसपर विचार नहीं किया जा सकता है.