निर्भया केस: दोषियों ने फांसी से बचने के लिए अपनाया नया पैंतरा, अंतरराष्‍ट्रीय कोर्ट में लगाई गुहार

निर्भया गैंगरेप और हत्‍या मामले के तीन दोषी फांसी के खिलाफ अब इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस पहुंच गए हैं. सुप्रीम कोर्ट से फांसी की सजा मिलने के बाद पवन, अक्षय और विनय की ओर से वकील एपी सिंह ने अंतरराष्ट्रीय अदालत को इंसाफ दिलाने के लिए पत्र लिखा है. पत्र में 20 मार्च को होने वाली फांसी पर रोक लगाने की मांग की गई है.

इससे पहले सोमवार को निर्भया गैंगरेप और हत्‍या मामले में दोषी करार मुकेश की याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी थी. मुकेश ने शीर्ष अदालत में अर्जी दाखिल कर वरिष्‍ठ अधिवक्‍ता वृंदा ग्रोवर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी. जस्टिस अरुण मिश्रा की पीठ ने कहा कि मुकेश की याचिका सुनवाई योग्‍य ही नहीं है. बता दें कि वृंदा ग्रोवर ने शुरुआत में मुकेश के केस की पैरवी की थी. वर्ष 2012 के निर्भया सामूहिक दुष्‍कर्म और हत्‍या मामले में मुकेश को फांसी की सजा सुनाई गई है.

इस मामले में एपी सिंह ने कहा कि इस केस मे पॉलिटिकल दवाब और मीडिया के चलते न्याय नहीं हो रहा है. मीडिया ट्रायल के चलते न्याय नहीं हो रहा है. जो लोग फांसी नहीं चाहते हैं, उन लोगों ने अंतरराष्ट्रीय अदालत में अर्जी दी है. हमारी न्याय व्यवस्था दूरदर्शी रही है. हमको न्यायतंत्र पर भरोसा है. कोई ना कोई आएगा जो बाद में इस केस की जांच कराएगा, तो अभी इच्छा मृत्यु दे दीजिए, इसलिए महामहिम के यहां याचिका लगाई है.

आपको बता दें कि निर्भया गैंगरेप के दोषियों ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को एक पत्र लिखा है. इस पत्र में इच्छामृत्यु की अनुमति देने की मांग की गई है. राष्ट्रपति से इच्छामृत्यु मांगने वालों में दोषियों के बुजुर्ग माता-पिता, भाई-बहन के साथ उनके बच्चे भी शामिल हैं.