मप्र विधानसभा का बजट सत्र आज से, जानें फ्लोर टेस्ट पर संशय की 5 बड़ी बातें

मध्यप्रदेश में जारी सियासी उठापटक के बीच बजट सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है. बजट सत्र की शुरुआत राज्यपाल लालजी टंडन के अभिभाषण से होगी, वहीं फ्लोर टेस्ट को लेकर संशय बना हुआ है क्योंकि कार्यसूची में इस बात का जिक्र नहीं है.

राज्य में सरकार के बहुमत और अल्पमत में होने को लेकर सत्ता पक्ष कांग्रेस और विपक्षी भाजपा के बीच बीते 10 दिनों से वार-पलटवार चल रहे हैं, वहीं भाजपा और कांग्रेस ने अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए राज्य से बाहर ले जाने का काम किया था. कांग्रेस के विधायक जयपुर से भोपाल पहुंच चुके हैं वहीं भाजपा के विधायक मनेसर से भोपाल आ गए हैं जबकि 16 विधायक अभी बेंगलुरु में है.

राज्यपाल ने मुख्यमंत्री को दो पत्र लिखे हैं, इन दोनों पत्रों में फ्लोर टेस्ट की बात कही गई है मगर विधानसभा सचिवालय ने जो कार्य सूची जारी की उसमें विश्वास मत का जिक्र नहीं है, इससे संशय बना हुआ है, इसी बात को लेकर सियासत और गरमाई हुई है.

दूसरी ओर विधानसभा परिसर में कोरोना वायरस से बचाव के लिए खास इंतजाम किए गए है. सभी दर्शक दीर्घाओं में प्रवेश की अनुमति नहीं है. वहीं विधानसभा सचिवालय कर्मचारी, सुरक्षा बल व पत्रकारों के लिए मॉस्क व सेनेटाइजर की व्यवस्था की गई है.

फ्लोर टेस्ट से जुड़ी 5 बातें…
1. राज्यपाल ने सोमवार को फ्लोर टेस्ट के लिए विधानसभा में सरकार को बुलाया है. लेकिन मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि स्पीकर इस पर निर्णय लेंगे.
2. कांग्रेस ने दावा किया है कि सदन की कार्यवाही के बारे में निर्णय लेने के लिए स्पीकर का विशेषाधिकार है.
3. कमलनाथ सरकार ने दावा किया है कि विधानसभा में उनके पास विधायकों की पूरी संख्या है.
4. 22 विद्रोही विधायकों के अयोग्य होने की संभावना पर चर्चा है. ऐसे में 6 विधायकों का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है. ऐसे में सभी विधायकों का इस्तीफा स्वीकार होता है तो सरकार अल्पमत में आ जाएगी.
5. सोमवार के फ्लोर टेस्ट से पहले कांग्रेस ने अपने सभी विधायकों को भोपाल भेज दिया. विधायक जयपुर के एक रिसॉर्ट में ठहरे थे. वहीं बंदी बनाए गए विधायकों को लेकर कमलनाथ ने कहा कि पहले बंदियों को छोड़ा जाए फिर फ्लेर टेस्ट होगा.