कांग्रेस के बाकी विधायक जयपुर से भोपाल पहुंचे, धारा 144 लागू

मध्य प्रदेश में चल रही राजनीतिक उथल-पुथल के बीच राज्यपाल लालजी टंडन ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को सोमवार को विश्वास प्रस्ताव पर मतदान कराने के निर्देश दिए हैं. मध्य प्रदेश विधानसभा का सत्र 16 मार्च शुरू हो रहा है. राज्यपाल के अभिभाषण के बाद विश्वास प्रस्ताव पर मतदान होगा. राज्यपाल ने निर्देश दिए हैं कि विश्वासमत मतविभाजन के आधार पर बटन दबाकर ही होगा और अन्य किसी तरीके से नहीं किया जाएगा.

इस फ्लोर टेस्ट से स्पष्ट हो जाएगा कि राज्य में कमलनाथ सरकार रहेगी या गिर जाएगी. कांग्रेस के 22 विधायकों ने इस्तीफा दे दिया है, जिससे सरकार अल्पमत में आ गई है. 22 विधायकों में से 19 बेंगलुरु के एक रिसॉर्ट में है, जबकि तीन विधायकों का अब तक कोई पता नहीं है. इन्हें ज्योतिरादित्य सिंधिया का समर्थक माना जा रहा है, जो हाल ही में बीजेपी में शामिल हुए हैं.

फ्लोर टेस्ट का निर्देश देते हुए राज्यपाल ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को लिखा है, ‘मुझे सूचना मिली है कि मध्य प्रदेश विधानसभा के 22 विधायकों ने अपने त्यागपत्र विधानसभा अध्यक्ष को प्रेषित किए हैं. मुझे भी इन विधायकों ने पृथक-पृथक त्यागपत्र 10 मार्च को भेजे हैं. 22 में से छह विधायक जो आपकी सरकार में मंत्री थे, जिन्हें आपकी अनुशंसा पर मंत्री पद से हटाया गया था, उनका त्यागपत्र विधानसभा अध्यक्ष ने शनिवार को स्वीकार कर लिया. मुझे प्रथम दृष्टया प्रतीत होता है कि आपकी सरकार ने सदन का विश्वास खो दिया है और आपकी सरकार अल्पमत में है. यह स्थिति अत्यंत गंभीर है. इसलिए संवैधानिक रूप से अनिवार्य एवं प्रजातांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए आवश्यक हो गया है कि 16 मार्च को मेरे अभिभाषण के तत्काल पश्चात आप विधानसभा में विश्वासमत हासिल करें.’

22 विधायकों के इस्तीफे के बाद कांग्रेस ने अपने बाकी विधायकों को जयपुर भेज दिया था, वो अब फ्लोर टेस्ट के लिए भोपाल वापस आ गए हैं. इन विधायकों के साथ मौजूद कांग्रेस नेता हरीश रावत ने कहा, ‘हम कल फ्लोर टेस्ट के लिए तैयार हैं और हम इसे जीतने के लिए आश्वस्त हैं. हम नर्वस नहीं हैं, बीजेपी है. वे (बागी) विधायक हमारे संपर्क में हैं.’

विधायकों के भोपाल पहुंचने को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. धारा 144 लगाई गई है. दिग्विजय सिंह और शोभा ओझा सहित कांग्रेस नेता मुख्यमंत्री कमलनाथ के आवास पर पहुंचे हैं.