यूपी में दंगाइयों से हर्जाना वसूलने वाले अध्यादेश पर योगी सरकार ने लगाई मुहर

यूपी सरकार ने शुक्रवार को जुलूसों, विरोध प्रदर्शन कार्यक्रमों आदि में निजी तथा सार्वजनिक सम्पत्ति के नुकसान की भरपाई के सम्बन्ध में उत्तर प्रदेश रिकवरी ऑफ डैमेज टू पब्लिक एण्ड प्राइवेट प्रॉपर्टी अध्यादेश—2020 को मंजूरी दे दी. इस बीच सोशल मीडिया पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का एक वीडियो वायरल हो रहा है. इस वीडियो में योगी दंगाइयों को चेतावनी दे रहे हैं.

भाजपा के यूपी प्रदेश प्रवक्ता शलभमणि त्रिपाठी ने इसका वीडियो ट्विटर पर साझा करते हुए लिखा, ‘तुम काग़ज़ नहीं दिखाओगे, और दंगा भी फैलाओगे, तो हम लाठी भी चलवाएँगे, घरबार भी बिकवाएंगे, और हाँ … पोस्टर भी लगवाएँगे.’ वीडियो में योगी कहते हैं, ‘कहीं कोई तिनका नहीं हिला रहा है लेकिन कुछ लोग हैं. 12-15 लोग जाएंगे हाथों में तलवारें लेकर और जो दिखेगा उसे मारेंगे. तब भी उम्मीद करते हैं कि सरकार उन पर लाठी ना बरसाए, उम्मीद करते हैं कि शांति से हम उनकी आरती उतारें? ये हो नहीं हो सकता है.’

शुक्रवार को राज्य के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमण्डल की बैठक में उत्तर प्रदेश रिकवरी आफ डैमेज टू पब्लिक एण्ड प्राइवेट प्रापर्टी अध्यादेश—2020 को मंजूरी दी गई. उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने रिट याचिका संख्या 77/2007 संलग्न रिट याचिका संख्या 73/2007 में विशेष रूप से देश में राजनीतिक जुलूसों, अवैध प्रदर्शन, हड़ताल तथा बंद के दौरान उपद्रवियों द्वारा पहुंचाये गये नुकसान की भरपाई के लिये दावा अधिकरण की स्थापना के निर्देश जारी किये थे.

आपको बता दें कि लखनऊ जिला प्रशासन ने संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ पिछले साल 19 दिसम्बर को राजधानी में उग्र प्रदर्शन के मामले में आरोपी 57 लोगों की तस्वीर और निजी जानकारी वाले होर्डिंग जगह—जगह लगवाये हैं. उनमें से कई को सुबूतों के अभाव में जमानत मिल चुकी है.

इससे पहले फरवरी माह के दौरान जब देश के विभिन्न हिस्सों में नागरकिता संशोधन कानून को लेकर विरोध प्रदर्शन हो रहे थे तब योगी आदित्यनाथ ने चेतावनी भरे लहजे में कहा था, ‘देश में आगजनी और तोड़फोड़ करके निर्दोष लोगों को निशाना बनाकर वे लोग क्या चाहते हैं? ऐसे लोग एक बात साफ-साफ नोट कर लें कि वह गलतफहमी के शिकार न हों क्योंकि कयामत का दिन कभी नहीं आएगा. कोई गलतफहमी का शिकार होगा तो उसका समाधान हम अच्छे से करना जानते हैं.’