ऋषिकेश एम्स दीक्षांत समारोह में बोले अमित शाह, केंद्र सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने के लिए लगातार काम कर रही है

शनिवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ऋषिकेश एम्स के द्वितीय दीक्षांत समारोह में शिरकत की. इस दौरान उन्होंने अमित शाह ने कहा कि केंद्र सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने के लिए लगातार काम कर रही है. देश में नए 22 एम्स खोले जाने हैं. सरकार की योजना है कि हर राज्य में एक एम्स खोला जाए. एम्स की कार्यप्रणाली को देखकर शाह खुश दिखाई दिए. इसके लिए उन्होंने निदेशक रविकांत की तारीफ की. कहा कि आज देवभूमि वीरभूमि में बाबा केदारनाथ को प्रणाम करके अपनी बात को शुरू करूंगा. जिस उद्देश्य के साथ छात्र छात्राओं को विषय ज्ञान दिया गया है, पढ़ा-लिखाया गया है. उद्देश्यों की पूर्ति आपके माध्यम से होनी चाहिए. जब भी मरीज आपके सामने आए इसके भीतर भगवान नजर आना चाहिए. ऐसी शुभकामनाएं देता हूं.

इस प्लेटफार्म पर खड़े होकर सिर्फ आजीविका का ध्यान नहीं रखना होगा, बल्कि विश्व के शिखर तक भारत को पहुंचाने के लिए छात्र-छात्राओं को योगदान करना है. प्रधानमंत्री मोदी ने आने के बाद की स्वास्थ्य सेवाओं को सुधारने का काम किया. आज 157 नए मेडिकल कॉलेज खोलने की घोषणा के साथ काम शुरू हुआ है. अटल जी ने छह एम्स से काम शुरू किया. प्रधानमंत्री मोदी ने 22 नए एम्स दिए हैं. प्रत्येक राज्य को एक एम्स मिलना चाहिए.

अटल बिहारी ने उत्तराखंड राज्य के साथ इसे एम्स भी दिया. अटल आयुष्मान योजना सबसे बड़ी योजना है, 60 करोड़ लोग जुड़े हैं. 12.38 करोड़ परिवारों का ई कार्ड बनाने का काम पूरा हुआ है. नए साल में करीब एक करोड़ लोगों को ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध कराने का काम किया है. प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र के जरिये गरीब लोगों को लाभ दिया जा रहा है. प्रधानमंत्री ने फीट इंडिया के जरिये योग को प्रमोट किया है.

शाह ने छात्र-छात्राओं से कहा कि आप यहां से चिकित्सा ज्ञान लेकर जा रहे हैं. 60 करोड़ गरीब मरीज आपके सामने होंगे. आप सभी को प्रधानमंत्री मोदी के मिशन को आगे बढ़ाना है. हमारा देश महान परंपरा वाला देश है. जिसके लिए विश्व में दूसरा स्थान नहीं, बल्कि सर्वोच्च स्थान बना है.

इस देश को नरेंद्र मोदी के रूप में ऐसा बेटा मिला है, जो देश को शिखर तक पहुंचाने की काबिलियत रखता है. गृह मंत्री ने सभी को यशस्वी जीवन की शुभकामनाएं देते हुए अपना संबोधन समाप्त किया.

अमित शाह ने इस दौरान एम्स में नई योजनाओं का भी शिलान्यास किया. प्रत्यारोपण खंड, नेत्र केंद्र, तंत्रिका विज्ञान केंद्र, कैंसर केंद्र, शैक्षिक खंड, प्रशासनिक खंड, महिला छात्रावास, टाइप थर्ड आवास, बहु प्रयोजन भवन तथा विवाहित डॉक्टर छात्रावास इसमें शामिल है.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के कार्यकाल में एम्स की स्थापना हुई. तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री सुषमा स्वराज ने इस काम को आगे बढ़ाया. ऋषिकेश में एम्स की स्थापना उन्हीं के कार्यकाल में हुई थी, मुझे खुशी है इस बात की कि तेजी के साथ विकास कर रहा है. उन्होंने कहा कि यहां से उपाधि लेने वालों सम्मानित करने का मौका मिल रहा है यह भी हमारे लिए गौरव की बात है.

कहा कि यहां स्पेशलिस्ट और सुपर स्पेशलिस्ट चिकित्सक अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इसका लाभ सिर्फ उत्तराखंड कोई नहीं मिल रहा है, बल्कि देश के पश्चिम क्षेत्र को भी इसका लाभ मिल रहा है. आने वाले समय में देश को 22 और एम्स मिलने वाले हैं. अटल बिहारी वाजपेई ने छह एम्स से शुरुआत की थी. वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस काम को तेजी के साथ आगे बढ़ाया है.

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि ऋषिकेश पूरे विश्व में योग की राजधानी है. अध्यात्म के शिखर का यह स्थान है. यहां दीक्षा समारोह का होना गौरव की बात है. उपाधि ग्रहण करने वालों को समाज में जाकर लोगों के जीवन की रक्षा करनी है. देश के विराट व्यक्तित्व गृह मंत्री अमित शाह के हाथों आप सभी को उपाधि मिल रही है, यह बड़े गौरव की बात है.

इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सुबह बह 11 बजे बीएसएफ के चार्टर विमान से जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचे. यहां उनकी अगवानी के लिए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल, कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, प्रदेश अध्यक्ष भाजपा बंशीधर भगत समेत कई विधायक और भाजपा पदाधिकारी मौजूद रहे.

एयरपोर्ट से वह सड़क मार्ग से ऋषिकेश एम्स पहुंचे. केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डा. रमेश पोखरियाल निशंक और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन भी कार्यक्रम में मौजूद हैं. यहां दीप प्रज्जवलन के बाद कार्यक्रम शुरू किया गया.

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 13 पीएचडी, पीजी, एमबीबीएस 2013, 2014, बीएससी नर्सिंग, एमएससी नर्सिंग के विद्यार्थियों को डिग्री और मेडल देकर सम्मानित करेंगे. उन्होंने बताया कि कुल 252 विद्यार्थियों को डिग्री दी जानी है. साथ ही 132 विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र भी दिए जाने हैं. एम्स के प्रथम दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शिरकत की थी. गृहमंत्री अमित शाह का दोपहर तीन बजे दिल्ली को वापस हो गए.