उत्तराखंड के रोपवे पर्यटकों की राह करेंगे आसान

उत्तराखंड में अब जल्द ही रोपवे के माध्यम से पर्यटकों का सफर आसान होने जा रहा है. प्रदेश के पर्यटन को नए आयाम देने के लिए इन योजनाओं पर काम किया जा रहा है. देहरादून और मसूरी रोपवे के बाद केदारनाथ रोपवे का काम शीघ्र चालू हो, इसको लेकर खाका तैयार किया जा रहा है. देहरादून से मसूरी आने वाले पर्यटकों को जाम के झंझट से निजात दिलाने के लिए देहरादून-मसूरी रोपवे को सहमति मिली है.

प्रस्तावित रोपवे के बनने पर पर्यटक महज 16 मिनट में ही देहरादून से मसूरी का सफर तय कर सकेंगे. अभी इस सफर को पूरा करने में एक-डेढ़ घंटे तक का समय लगता है. इसके निर्माण का जिम्मा फ्रांस की कंपनी पोमा इंटरनेशनल को दिया गया है. पर्यटन विभाग के साथ कंपनी का करार हो चुका है और निर्माण की लागत तकरीबन 450 करोड़ रुपये आंकी गई है.

एक सरकारी कर्मचारी के अनुसार, प्रदेश में गोवदघाट से घांघरिया, गौरीकुंड से केदारनाथ व यमुनोत्री रोपवे पर भी तेजी से काम चल रहा है. पौड़ी गढ़वाल में दीबा डांडा, भैरवगढ़ी रोपवे के निर्माण की कवायद भी तेजी से आगे बढ़ रही है. हालांकि, अभी रानीबाग से नैनीताल रोपवे के निर्माण पर थोड़ा संशय बना हुआ है. पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए सरकार कई नई योजनाएं बना रही है. इनमें पर्यटकों को हवाई सफर का रोमांच देने के लिए रोपवे बनाए जाने भी प्रस्तावित हैं.

उत्तराखंड के पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने कहा, “प्रदेश सरकार प्रमुखता के साथ रोपवे के काम को आगे बढ़ा रही है. अगले दो माह में यमुनोत्री रोपवे के टेंडर फाइनल होने की उम्मीद है. इसके बाद केदारनाथ रोपवे के टेंडर निकाले जाएंगे. उम्मीद है कि इस वर्ष के अंत तक अन्य स्थानों पर भी रोपवे निर्माण का मार्ग प्रशस्त होगा.”