जानिए आँवला के चमत्‍कारिक गुण

आँवला एक छोटे आकार और हरे रंग का फल है. यानी कि इस छोटे से फल में ऐसे चमत्‍कारिक गुण है जो शरीर के लिए बेहद गुणकारी हैं. यह न सिर्फ हमारे शरीर की इम्‍यूनिटी बढ़ाता है. बल्‍कि कई बीमारियों को जड़ से भी खत्‍म करता है.

इसमें विटामिन ‘सी’ का सर्वोत्तम और प्राकृतिक स्रोत है. हिन्दू मान्यता में आँवले के फल के साथ आँवले का पेड़ भी पूजनीय है. माना जाता है कि आँवले का फल भगवान विष्णु को बहुत प्रिय है इसीलिए अगर आँवले के पेड़ के नीचे भोजन पका कर खाया जाये तो सारे रोग दूर हो जाते हैं. अपनी इन खूबियों की वजह से आंवले को रोगों की एक दवा माना जाता है. यही वजह है कि आयुर्वेद में आंवले की तुलना अमृत से की गई है.

आँवला के गुणकारी लाभ

विटामिन सी ऐसा नाजुक तत्व होता है जो गर्मी के प्रभाव से नष्ट हो जाता है, लेकिन आँवले में विद्यमान विटामिन सी कभी नष्ट नहीं होता. आँवला दाह, खाँसी, श्वास रोग, कब्ज, पाण्डु, रक्तपित्त, अरुचि, त्रिदोष, दमा, क्षय, छाती के रोग, हृदय रोग, मूत्र विकार आदि अनेक रोगों को नष्ट करने की शक्ति रखता है. वीर्य को पुष्ट करके पौरुष बढ़ाता है, चर्बी घटाकर मोटापा दूर करता है.

सिर के केशों को काले, लम्बे व घने रखता है. दाँत-मसूड़ों की खराबी दूर होना, कब्ज, रक्त विकार, चर्म रोग, पाचन शक्ति में खराबी, नेत्र ज्योति बढ़ना, बाल मजबूत होना, सिर दर्द दूर होना, चक्कर, नकसीर, रक्ताल्पता, बल-वीर्य में कमी, बेवक्त बुढ़ापे के लक्षण प्रकट होना, यकृत की कमजोरी व खराबी, स्वप्नदोष, धातु विकार, हृदय विकार, फेफड़ों की खराबी, श्वास रोग, क्षय, दौर्बल्य, पेट कृमि, उदर विकार, मूत्र विकार आदि अनेक व्याधियों को दूर करने के लिए आँवला बहुत उपयोगी है.