उन्नाव दुष्कर्म मामला : पीड़िता के पिता की हत्या के दोषी कुलदीप सेंगर व 6 अन्य को 10 साल की जेल

उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता के पिता की हत्या के दोषी पाए गए भाजपा के पूर्व नेता कुलदीप सेंगर को 10 साल की कैद की सजा सुनाई गई है. हत्या में दोषी पाए गए छह अन्य लोगों को भी 10-10 साल की कैद मुकर्रर की गई है.

उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता के पिता की हत्या के दोषी पाए गए भाजपा के पूर्व नेता कुलदीप सेंगर को 10 साल की कैद की सजा सुनाई गई है. हत्या में दोषी पाए गए छह अन्य लोगों को भी 10-10 साल की कैद मुकर्रर की गई है.

दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने इसके साथ ही 10 लाख के जुर्माने की सजा भी सुनाई है. कोर्ट ने ये भी कहा जुर्माने की रक़म पीड़िता को दी जाएगी. बता दें सजा पाने वालों में दो यूपी पुलिस के अधिकारी भी हैं. एक उस समय के माखी थाना के एसएचओ थे, वहीं दूसरा उस समय के माखी थाना के सब इंस्पेक्टर थे.

1- कुलदीप सेंगर- 10 साल की सजा
आईपीसी की धारा 304 (गैर इरादतन हत्या), 120B (साजिश), 166 (पब्लिक सर्वेंट जो अपने कर्तव्यों का पालन नही करता), 167 (जान बूझ कर किसी को नुकसान पहुचाना), 193 (झूठा साक्ष्य पेश करना), 201 (अपराध करके साक्ष्यों को छिपाना), 203 (गलत जानकारी देना), 211 (नुकसान पहुचाने के दृष्टि से किसी और पर झूठा आरोप लगाना), 218 (पब्लिक सर्वेंट द्वारा झूठे साक्ष्यों को गढ़ना), 323 (जान बूझ कर किसी को चोट पहुचाने के लिए दंड), 341 (किसी व्यक्ति को गलत तरीके से रोकना), सेक्शन 3 आर्म्स एक्ट 1959 के तहत दोषी करार किये गए है. इससे पहले नाबालिग से रेप मामले में पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को तीस हजारी कोर्ट ने उम्रकैद की सजा और 25 लाख जुर्माना लगाया था.

2- कामता प्रसाद, तत्कालीन माखी थाना के सब इंस्पेक्टर- 10 साल की सजा

आईपीसी की धारा 304 (गैर इरादतन हत्या), 120B (साजिश), 166 (पब्लिक सर्वेंट जो अपने कर्तव्यों का पालन नहीं करता), 167 (जान बूझ कर किसी को नुकसान पहुंचाना), 193 (झूठा साक्ष्य पेश करना), 201 (अपराध करके साक्ष्यों को छिपाना), 203 (गलत जानकारी देना), 211 (नुकसान पहुंचाने के दृष्टि से किसी और पर झूठा आरोप लगाना), 218 (पब्लिक सर्वेंट द्वारा झूठे साक्ष्यों को गढ़ना), 323 (जान बूझ कर किसी को चोट पहुचाने के लिए दंड), 341 (किसी व्यक्ति को गलत तरीके से रोकना), सेक्शन 3 आर्म्स एक्ट 1959 के तहत दोषी करार किये गए हैं.

3- अशोक सिंह भदौरिया, तत्कालीन माखी थाना के एसएचओ – 10 साल की सजा
आईपीसी की धारा 304 (गैर इरादतन हत्या), 120B (साजिश), 166 (पब्लिक सर्वेंट जो अपने कर्तव्यों का पालन नहीं करता), 167 (जान बूझ कर किसी को नुकसान पहुंचाना), 193 (झूठा साक्ष्य पेश करना), 201 (अपराध करके साक्ष्यों को छिपाना), 203 (गलत जानकारी देना), 211 (नुकसान पहुंचाने के दृष्टि से किसी और पर झूठा आरोप लगाना), 218 (पब्लिक सर्वेंट द्वारा झूठे साक्ष्यों को गढ़ना), 323 (जान बूझ कर किसी को चोट पहुंचाने के लिए दंड), 341 (किसी व्यक्ति को गलत तरीके से रोकना), सेक्शन 3 आर्म्स एक्ट 1959 के तहत दोषी करार किये गए हैं.

4- विनीत मिश्रा उर्फ विनय मिश्रा- 10 साल की सजा
आईपीसी की धारा 304 (गैर इरादतन हत्या), 120B (साजिश), 166 (पब्लिक सर्वेंट जो अपने कर्तव्यों का पालन नहीं करता), 167 (जान बूझ कर किसी को नुकसान पहुंचाना), 193 (झूठा साक्ष्य पेश करना), 201 (अपराध करके साक्ष्यों को छिपाना), 203 (गलत जानकारी देना), 211 (नुकसान पहुंचाने के दृष्टि से किसी और पर झूठा आरोप लगाना), 218 (पब्लिक सर्वेंट द्वारा झूठे साक्ष्यों को गढ़ना), 323 (जान बूझ कर किसी को चोट पहुंचाने के लिए दंड), 341 (किसी व्यक्ति को गलत तरीके से रोकना), सेक्शन 3 आर्म्स एक्ट 1959 के तहत दोषी करार किये गए हैं.

5- बीरेंद्र सिंह उर्फ बउवा सिंह- 10 साल की सजा
आईपीसी की धारा 304 (गैर इरादतन हत्या), 120B (साजिश), 166 (पब्लिक सर्वेंट जो अपने कर्तव्यों का पालन नहीं करता), 167 (जान बूझ कर किसी को नुकसान पहुंचाना), 193 (झूठा साक्ष्य पेश करना), 201 (अपराध करके साक्ष्यों को छिपाना), 203 (गलत जानकारी देना), 211 (नुकसान पहुचाने के दृष्टि से किसी और पर झूठा आरोप लगाना), 218 (पब्लिक सर्वेंट द्वारा झूठे साक्ष्यों को गढ़ना), 323 (जान बूझ कर किसी को चोट पहुचाने के लिए दंड), 341 (किसी व्यक्ति को गलत तरीके से रोकना), सेक्शन 3 आर्म्स एक्ट 1959 के तहत दोषी करार किये गए हैं.

6- शशि प्रताप सिंह उर्फ सुमन सिंह- 10 साल की सजा
आईपीसी की धारा 304,, 120B, 166 ( पब्लिक सर्वेंट जो अपने कर्तव्यों का पालन नहीं करता), 167, 193, 201, 203, 211, 218, 323, 341, सेक्शन 3 आर्म्स एक्ट 1959 के तहत दोषी करार दी गई हैं.

7- जयदीप सिंह उर्फ अतुल सिंह- 10 साल की सजा
आईपीसी की धारा 304, 120B, 166, 167, 193, 201, 203, 211, 218, 323, 341, सेक्शन 3 आर्म्स एक्ट 1959 के तहत दोषी करार दिए गए हैं.