करोड़ों ग्राहकों को एसबीआई ने दिया बड़ा फायदा, एवरेज मंथली बैलेंस की अनिवार्यता को किया खत्म

देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक ने अपने करोड़ों ग्राहकों को बड़ा तोहफा दिया है. एसबीआई ने बुधवार को सभी तरह के बचत खातों  पर एवरेज मंथली बैलेंस की अनिवार्यता को खत्म कर दिया है. इसका मतलब ग्राहकों को अब अपने अकाउंट में मिनिमम बैलेंस रखने का झंझट खत्म हो गया है. एसबीआई के इस फैसले से 44 करोड़ से ज्यादा ग्राहकों को फायदा होगा. इसके अलावा, एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले में एसबीआई ने बचत बैंक खातों पर अपनी ब्याज दर को तर्कसंगत बनाते हुए सपाट 3 फीसदी सालाना कर दिया.

फिलहाल, मेट्रो, सेमी अर्बन और ग्रामीण इलाकों के खाताधारकों को क्रमशः 3,000, 2,000 और 1,000 रुपये का मिनिमम बैलेंस मेंटेन करना होता है. एसबीआई मंथली बैलेंस मेंटने नहीं करने पर ग्राहकों से 5 से 15 रुपये के अतिरिक्त टैक्स के साथ पेनाल्टी वसूलता था.

इसके साथ ही, बैंक सभी बचत खाताधारकों के बचत खाते पर ब्याज दरें तर्कसंगत करते हुए सपाट 3 फीसदी कर दिया. इससे पहले, 1 लाख रुपये से कम बचत खाते पर सालाना ब्याज दर 3.25 फीसदी था, जबकि 1 लाख रुपये से ज्यादा पर इंटरेस्ट 3 फीसदी था.

एसबीआई ने फिक्स्ड डिपॉजिट पर महीनेभर के अंदर एक बार फिर ब्याज दर घटा दी है. बैंक ने 45 दिनों तक की अवधि वाली शॉर्ट टर्म एफडी पर ब्याज में 0.50% की कटौती कर दी है, जो 10 मार्च से लागू हैं. नई दरों के मुताबिक, 7 से 45 दिनों की एफडी पर 4 फीसदी का ब्याज मिलेगा, जो पहले 4.50 फीसदी थी. इसने अलावा, 1 साल और उससे ज्यादा की अवधि वाली एफडी के लिए ब्याज दरों में 0.10 पर्सेंट की कटौती की गई है. इनपर पहले 6 पर्सेंट तक का ब्याज मिलता था.