कांग्रेस के संकटमोचक कहे जाने डीके शिवकुमार को मिला बागी विधायकों को मनाने का जिम्‍मा

मध्य प्रदेश में जारी सियासी हलचल के बाद कांग्रेस की सरकार संकट में आ गई है. हालांकि मुख्यमंत्री कमलनाथ दावा कर रहे हैं कि सरकार सुरक्षित है और उनके पास बहुमत है, लेकिन विधायकों और ज्योतिरादित्य सिंधिया के इस्तीफे के बाद मध्य प्रदेश की राजनीति में भूचाल आ गया. विधायकों को मनाने और कमलनाथ सरकार को बचाने का जिम्मा एक बार फिर से कांग्रेस के संकटमोचक डीके शिवकुमार को सौंपा गया है.

पहले भी कई बार कांग्रेस के लिए संकटमोचक की भूमिका निभाने वाले डीके शिवकुमार को इस बार भी बागी विधायकों को मनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है. कांग्रेस के आलाकमान ने एक बार फिर से शिवकुमार पर भरोसा जताया है और नाराज विधायकों को मनाकर वापस पार्टी में लाने का अहम काम शिवकुमार को सौंपा है.

दरअसल, कर्नाटक विधानसभा के चुनाव के बाद बीजेपी नेता येदियुरप्पा ने सीएम पद की शपथ ली थी. लेकिन बीजेपी नेता येदियुरप्पा को बहुमत पहले ही इस्तीफा देने पर मजबूर होना पड़ा. इस दौरान डीके शिवकुमार का नाम मीडिया की सुर्खियों में छा गया था. कांग्रेस विधायकों को अपने पाले में रखने की रणनीति इनके ही जिम्मे थी.

वोकालिग्गा समुदाय से आने वाले शिवकुमार कांग्रेस के बड़े नेता माने जाते हैं. उन्हें वहां की राजनीति में डीकेएस के नाम से भी जाना जाता है. वैसे गुजरात में हुए राज्यसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कांग्रेस अहमद पटेल को जीत दिलाने में भी बड़ी भूमिका निभाई थी. इसके बाद से कांग्रेस आलाकमान का उन पर भरोसा बरकरार है.

गुजरात में कांग्रेस का काफी बुरा समय चल रहा था. उस दौरान कांग्रेस के कई विधायक बीजेपी में शामिल होते जा रहे थे. लेकिन इस बीच अहमद पटेल को राज्यसभा में पहुंचाने की कोशिश शिवकुमार ने शुरू की. जिसके लिए उन्होंने कुछ नया प्लान किया. शिवकुमार ने गुजरात कांग्रेस के 44 विधायकों को बैंगलुरू के पास अपने रिसॉर्ट में ले गए. ईगलटन नामक इनकी यह रिसॉर्ट में इन विधायकों को रखा गया. जिसके बाद सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार अहमद पटेल को चुनाव जीतने में कामयाबी मिली.

कांग्रेस नेता शिवकुमार राजनीतिक प्रबंधन में काफी निपुण माने जाते हैं. जिस कारण एक बार मध्य प्रदेश में जारी राजनीतिक संकट में याद किया गया है. इस बार उनके जिम्मे एमपी के कांग्रेस विधायकों को मनाने और वापस लाने का जिम्मा सौंपा गया है.