मध्य प्रदेश में राजनीतिक संकट बरकरार- शोभा ओझा का बड़ा दावा, सिंधिया कैंप ने धोखे से लिए विधायकों के हस्ताक्षर

मध्य प्रदेश की सियासत अब दिलचस्प मोड़ पर है. क्या ज्योतिरादित्य सिंधिया ने धोखे से विधायकों के दस्तखत लिए. कांग्रेस की वरिष्ठ नेता शोभा ओझा कहती हैं कि जो विधायक उनके कब्जे में हैं उन्हें बताया गया कि सिंधिया जी ने राज्यसभा सीट के लिए सबको बुलाया था और वो उस वजह से वहां पहुंचे. वो कहती हैं कि कांग्रेस के सभी विधायक एक हैं और मौका पड़ने पर हम साबित कर देंगे कि कमलनाथ सरकार पूरे पांच साल राज करेगी.

शोभा ओझा कहती हैं कि जब विधायकों को यह पता चला कि उनके बीजेपी में शमिल होने की बात चल रही है तो वो नाराज हो गए. सभी के सभी विधायक सीएम के संप्रक में है. सरकार को खतरा नहीं है कमलनाथ सरकार विधानसभा में बहुमत पेश करेंगी. उन्होंने कहा कि दरअसल राज्यसभा में ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थन में दबाव बनाने के लिए हस्ताक्षर कराया गया और उसे इस्तीफे के तौर पर पेश कर दिया गया.

कांग्रेस के कद्दावर नेता लक्ष्मण सिंह कहते हैं कि अगर जरूरत पड़ेगी तो कांग्रेस लड़ाई करने के लिए तैयार है. वो कहते हैं कि कांग्रेस के पास 94 विधायक हैं और कोई भी शख्स पार्टी के दृढ़ इरादे को नहीं तोड़ सकता है. लक्ष्मण सिंह ने कहा कि हम सिद्धांतों की राजनीति करते हैं हमारे लिए सत्ता अहम नहीं है.

इस बीच भोपाल में कांग्रेस विधायकों की बैठक में सर्वसम्मति से सोनिया गांधी के उस फैसले पर मुहर लगाई जिसमें ज्योतिरादित्य सिंधिया को प्राथमिक सदस्यता से निष्काषित करने का फैसला किया गया है. बता दें कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष अधीर रंजन चौधरी ने उन्हें गद्दार तक कह दिया. उन्होंने कहा था बीजेपी सत्ता के नशे में इस तरह के अनर्गल काम कर रही है. लेकिन जो लोग पार्टी की विचारधारा के खिलाफ काम करेंगे उन्हें निकालने के सिवाए और कोई रास्ता नहीं है.