निर्भया मामला : विनय शर्मा ने फांसी से बचने का किया नया प्रयास, दिल्ली के एलजी से लगाई ये गुहार

निर्भया गैंग रेप मामले में दोषी विनय शर्मा ने एक बार फिर फांसी के फंदे से बचने का प्रयास किया है. अब विनय शर्मा के वकील एपी सिंह दिल्ली के एलजी के पास पहुंचे हैं. उन्होंने इस मामले में फांसी की सजा को आजीवन कारावास में बदलने की मांग की है. अधिवक्ता एपी सिंह ने सीआरपीसी की धारा 432 और 433 के तहत एक याचिका दायर की है. इसमें मौत की सजा को निलंबित करने की मांग की गई है. इस मामले में पटियाला हाउस कोर्ट ने 4 दोषियों के लिए नया डेथ वारंट जारी किया है. इन्हें 20 मार्च की सुबह 5.30 बजे फांसी दी जाएगी.

बता दें कि निर्भया कांड के चारों दोषियों के खिलाफ चौथी बार डेथ वारंट जारी किया गया है. इससे पहले 3 मार्च को फांसी देने का आदेश दिया गया था, लेकिन दोषी पवन की दया याचिका राष्ट्रपति के पास लंबित होने की वजह से इस दिन फांसी नहीं दी जा सकी.

वहीं इस मामले में सजा सुनाए जाने के बाद दोषियों की ओर से पेश वकील ने कहा कि गुरुवार को होने वाली सुनवाई को लेकर उन्‍हें तिहाड़ जेल प्रशासन की तरफ से कोई नोटिस नहीं दिया गया. जबकि इस पर तिहाड़ जेल प्रशासन की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया कि नोटिस 4 मार्च को ई-मेल कर दिया गया था.

पटियाला हाउस कोर्ट की ओर से निर्भया गैंगरेप और मर्डर मामले में चारों दोषियों के खिलाफ चौथी बार डेथ वारंट जारी किया गया है. इस पर निर्भया की मां आशा देवी ने कहा था कि चौथी बार डेथ वारंट जारी हुआ है. अब उनके पास कोई कानूनी विकल्‍प नहीं बचा है, लेकिन जब तक फांसी नहीं होती हमलोग लड़ने के लिए तैयार हैं. उनका कहना है कि जीत उसी दिन होगी, जिस दिन चारों दोषियों को फांसी की सजा मिलेगी.

इस मामले में हुई सुनवाई के दौरान सरकारी वकील रवि काजी ने कोर्ट को बताया कि दोषियों के सभी कानूनी विकल्‍प खत्म हो चुके हैं. इससे पहले एपी सिंह ने पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई शुरू होते ही अतिरिक्‍त वक्‍त देने की मांग कर दी. उन्‍होंने कहा कि वह दोषी पवन गुप्‍ता से मिलने के लिए समय चाहते हैं.

एपी सिंह ने कोर्ट को बताया कि पवन को यह बात समझ में नहीं आ रही कि राष्‍ट्रपति ने उसकी दया याचिका कैसे खारिज दी? वरिष्‍ठ अधिवक्‍ता ने कहा कि वह पवन से बात करना चाहते हैं. तिहाड़ जेल ने कोर्ट से कहा कि अब किसी दोषी के पास कोई कानूनी विकल्प नहीं बचा है. लिहाजा डेथ वारंट की नई तारीख मुकर्रर हो सकती है.