दिल्ली हिंसा की जांच में सामने आया ताहिर हुसैन के भाई शाह आलम का नाम, क्राइम ब्रांच ने किया गिरफ्तार

दिल्ली हिंसा मामले में पुलिस को सोमवार को एक और कामयाबी मिली. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या मामले में आरोपी आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन के भाई शाह आलम को हिरासत में लिया है. क्राइम ब्रांच ताहिर के भाई आलम का तलाश कर रही थी. पुलिस की जांच में ताहिर के भाई का नाम सामने आया है.

आईबी अधिकारी की हत्या और हिंसा भड़काने मामले में दिल्ली पुलिस ने ताहिर को गत गुरुवार को गिफ्तार किया. ताहिर पर दिल्ली हिंसा के दौरान अंकित शर्मा की हत्या में उसका हाथ होने का आरोप लगा है. इसके अलावा ताहिर के चांद बाग स्थित इमारत से बड़ी मात्रा में पेट्रोल बम, एसिड और पत्थर बरामद हुए हैं. दिल्ली की एक अदालत ने ताहिर को सात दिनों की पुलिस हिरासत में भेजा है. हालांकि, ताहिर ने इन दोनों मामलों में खुद को बेकसूर होने का दावा किया है.

अंकित शर्मा का शव गत 26 फरवरी को चांद बाग के नाले से बरामद हुआ था. अंकित के भाई का आरोप है कि 25 फरवरी की शाम उनका भाई बाहर उपद्रवियों को समझाने के लिए निकला था तभी ताहिर के घर से कुछ लोग आए और उसके भाई को उठाकर ले गए. अंकित के पिता रविंद्र ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में ताहिर के नाम का जिक्र किया है.

बता दें कि सीएए समर्थकों एवं विरोधियों के बीच शुरू हुए टकराव ने हिंसक रूप ले लिया. उत्तर पूर्वी दिल्ली के जाफराबाद, मौजपुर, चांदबाग, बाबरपुर, यमुना विहार, शिव विहार, कर्दमपुरी और कबीर नगर में 23 से 25 फरवरी तक बड़े पैमाने पर हिंसा हुई. उपद्रवियों ने इमारतों, वाहनों एवं दुकानों को आग के हवाले कर दिया. इस हिंसा अंकित शर्मा, एक पुलिस हेड कांस्टेबल सहित कम से कम 53 लोगों की जान गई.

दिल्ली की इस हिंसा में बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हुआ है. इस हिंसा के बाद प्रभावित इलाकों में जन-जीवन काफी हद तक पटरी पर लौट आया है. इलाकों में शांति-व्यवस्था कायम होने के बाद पुलिस ने अपनी जांच तेज कर दी है. हिंसा में जिन परिवारों का घर उजड़ गया है उन्हें राहत शिविरों में रखा गया है. दिल्ली सरकार हिंसा पीड़ितों को आर्थिक मदद भी दे रही है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पिछले दिनों हिंसा प्रभावित इलाके बृजपुरी का दौरा किया.