लखनऊ होर्डिंग मामला: योगी सरकार को हाईकोर्ट से लगा झटका, पोस्टर हटाने के दिए निर्देश

नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में लखनऊ में जिन लोगों की वजह से सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान हुआ था उसकी भरपाई के लिए जिला प्रशासन ने वसूली की नोटिस चस्पा की. इसके लिए लखनऊ के महत्वपूर्ण जगहों पर पोस्टर लगाए गए थे. लेकिन इलाहाबाद हाईकोर्ट का यह फैसला नागवार गुजरा और चीफ जस्टिस ने खुद सुनवाई का फैसला किया.

रविवार को सुनवाई के बाद फैसला सोमवार तक के लिए आरक्षित रख लिया गया था और जो फैसला आया है वो लखनऊ जिला प्रशासन के खिलाफ है. कोर्ट ने आदेश दिया है कि तत्काल उन पोस्टरों को सभी महत्वपूर्ण जगहों से हटा दिया जाए. इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस गोविंद माथुर ने खुद संज्ञान लिया था. उन्होंने कहा था कि यह देखना होगा कि क्या इससे किसी शख्स के संवैधानिक अधिकारों का अतिक्रमण तो नहीं हो रहा है. अगर ऐसा है तो यह विचार का विषय है.

बता दें कि इस संबंध में रविवार को सुबह 10 बजे सुनवाई होनी थी. लेकिन यूपी सरकार के आग्रह पर सुनवाई दोपहर तीन बजे के लिए स्थगित कर दी गई. अदालत में तीन बजे गरमागरम बहस के बाद आदेश सोमवार तक के लिए सुरक्षित रख लिया गया. यहां यह भी जानना जरूरी है कि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने योगी आदित्यनाथ सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था कि यह सरकार संविधान की धज्जियां उड़ा रही है.

दिसंबर में सीएए विरोधी हिंसा में जब लखनऊ जल रहा था तो सीएम योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट कर दिया कि इस तरह की हरकतों के लिए जो जिम्मेदार होंगे उन्हें बख्शा नहीं जाएगा. जो लोग सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के लिए जिम्मेदार पाए जाएंगे उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. यहां तक कि उनसे वसूली होगी और अगर वो हर्जाना भरने में नाकाम रहे तो उनकी संपत्ति भी जब्त की जाएगी.

बता दें कि इस संबंध में रविवार को सुबह 10 बजे सुनवाई होनी थी. लेकिन यूपी सरकार के आग्रह पर सुनवाई दोपहर तीन बजे के लिए स्थगित कर दी गई. अदालत में तीन बजे गरमागरम बहस के बाद आदेश सोमवार तक के लिए सुरक्षित रख लिया गया. यहां यह भी जानना जरूरी है कि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने योगी आदित्यनाथ सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था कि यह सरकार संविधान की धज्जियां उड़ा रही है.

दिसंबर में सीएए विरोधी हिंसा में जब लखनऊ जल रहा था तो सीएम योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट कर दिया कि इस तरह की हरकतों के लिए जो जिम्मेदार होंगे उन्हें बख्शा नहीं जाएगा. जो लोग सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के लिए जिम्मेदार पाए जाएंगे उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. यहां तक कि उनसे वसूली होगी और अगर वो हर्जाना भरने में नाकाम रहे तो उनकी संपत्ति भी जब्त की जाएगी.