पिथौरागढ़-घाट एनएच भारी बारिश के बाद बंद, 1500 से अधिक यात्री मार्ग में फंसे

पिथौरागढ़-घाट एनएच भारी बारिश के बाद मलबा आने से दो जगह बंद हो गया. इससे इस मार्ग में घंटों आवागमन ठप रहा. सड़क बंद होने से 1500 से अधिक यात्री मार्ग में फंसे रहे. इस दौरान सड़क के दोनों तरफ वाहनों की पांच किमी से अधिक लंबी कतार लग गई.

शनिवार को भारी बारिश के बाद पिथौरागढ़-घाट एनएच पर दिल्ली बैंड के पास मलबा आ गया. इससे यह सड़क पूरी तरह बंद हो गई. बारिश के कुछ समय रुकने के बाद कुछ ही वाहन निकल पाए थे कि पहाड़ी से एक बार फिर बोल्डर गिरने से सड़क बंद हो गई. छह घंटे से अधिक समय तक इस सड़क में पूरी तरह से यातायात ठप रहा. इस दौरान एनएच में वाहनों की पांच किमी से अधिक लंबी कतार लग गई, जिसमें सैकड़ों यात्री फंसे रहे. सड़क बंद रहने से होली में घरों को आ रहे लोगों को मुश्किलें उठानी पड़ी.

पिथौरागढ़ से धारचूला जाने वाले यात्रियों को भी जाम के चलते दिक्कतें हुई. जिला मुख्यालय की 20किमी दूरी तय करने में लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ा. इस सड़क में कई जगह मलबा जमा होने से भी वाहनों को आवाजाही में दिक्कत हो रही है.

भूखे पेट सड़क खुलने का इंतजार किया
पिथौरागढ़-घाट एनएच बंद होने से छह घंटे से अधिक समय तक सैकड़ों यात्री भूखे-प्यासे सड़क किनारे बैठे रहे. यात्री हेमा, पवन, सुमीत ने बताया वह शनिवार को हल्द्वानी से अपने घर मलान आ रहे थे, लेकिन सड़क बंद होने से वह बीच रास्ते में फंस गए. कहा कि आसपास कोई दुकान नहीं होने के कारण उन्हें खाने के लिए कुछ नहीं मिला.

पांच दिन में तीन बार पहाड़ी से मलबा गिरा
पिथौरागढ़-घाट एनएच पर पिछले पांच दिनों में तीन बार पहाड़ी दरकी है. आए दिन गिर रहे मलबे से यात्रियों के साथ ही वाहन चालक भी परेशान हैं. चालक नरेंद्र ने बताया डर के साए में वह वाहनों का संचालन कर रहे हैं. कहा यहां पहाड़ी से मलबा गिरना आम बात हो गई है. लगातार हो रही इस प्रकार की घटनाओं से कभी भी कोई अनहोनी घट सकती है.

मार्ग में डेंजर जोन बन सकते हैं मुसीबत
पिथौरागढ़-घाट सड़क में कई जगह पहाड़ी मौत बनकर झांक रही है. बारिश के समय सड़क पर चलते वाहनों में इनके गिरने का खतरा बना हुआ है. सड़क निर्माण के दौरान कई जगह यातायात सुरक्षा की दृष्टि से मलबा पहाड़ी से पूरी तरह नहीं हटाया गया है. जिससे इस सड़क में वाहन भारी खतरे के बीच आवागमन कर रहे हैं.