पीडीपी के पूर्व नेता अल्ताफ बुखारी ने बनाई नई पार्टी, कई नेता शामिल

जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 के प्रावधानों में बदलाव के बाद जहां राजनीतिक दलों की गतिविधियां ठप हो गई थीं, वहीं अब एक बार फिर राजनीति उभरने लगी है. पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की पार्टी पीडीपी के पूर्व नेता सैयद अल्ताफ बुखारी ने रविवार को अपनी नई पार्टी का ऐलान कर दिया. बुखारी ने ‘जम्मू कश्मीर अपनी पार्टी’ (जेकेएपी) की स्थापना की है. नयी पार्टी का मुख्य उद्देश्य पिछले साल 5 अगस्त से अनिश्चितता का सामना कर रहे लोगों को राहत मुहैया करना होगा.

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद यह पहली राजनीतिक गतिविधि है. पांच अगस्त को केंद्र सरकार ने पूर्ववर्ती राज्य जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त कर दिया था और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू कश्मीर और लद्दाख में विभाजित करने की घोषणा की थी.

राज्य के पूर्व वित्त मंत्री एवं कारोबारी से नेता बने सैयद अल्ताफ बुखारी ने कहा, ‘हां, मैं संयोग से राजनीति में आया, लेकिन राजनीति का मेरा विचार अलग है. मेरा मानना है कि यह एक ऐसी जगह है जहां आप अपनी सर्वश्रेष्ठ क्षमताओं से लोगों की सेवा कर सकते हैं.’ महबूबा मुफ्ती से दूरी बनने तक वह पीडीपी में थे. जून 2018 में भाजपा के समर्थन वापस लेने के बाद महबूबा की सरकार अल्पमत में आ गई थी. पीडीपी के कामकाज को लेकर महबूबा और बुखारी में मतभेद थे.

बता दें कि सैयद अल्ताफ बुखारी (60) के साथ नेशनल कांफ्रेंस (नेकां), पीडीपी, कांग्रेस और भाजपा सहित कई अन्य राजनीतिक दलों के नेता भी होंगे. सूत्रों के मुताबिक, उनके साथ आने वाले प्रमुख नेताओं में विजय बाकया, रफी मीर (नेकां), उस्मान माजिद (कांग्रेस के पूर्व विधायक), गुलाम हसन मीर (पूर्व निर्दलीय विधायक), जावेद हुसैन बेग, दिलावर मीर, नूर मोहम्मद, जफर मनहास, अब्दुल माजिद पद्दार, अब्दुल रहीम राठेर (पीडीपी), गगन भगत (भाजपा) और कांग्रेस के मंजीत सिंह तथा विक्रम मल्होत्रा शामिल हैं.

इस नयी पार्टी का लक्ष्य नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी जैसे क्षेत्रीय दलों को चुनौती देना है. फारूक अब्दुल्ला और उनके पुत्र उमर अब्दुल्ला (एनसी) और महबूबा मुफ्ती (पीडीपी) सहित अन्य नेताओं पर जन सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) के तहत मामला दर्ज किया गया है. इन नेताओं को शुरूआत में एहतियातन नजरबंद किया गया था और बाद में उन पर पीएसए के तहत मामला दर्ज किया गया.

बुखारी ने सभी राजनीतिक नेताओं की रिहाई की अपील की और कहा कि वे लोगों को बदली हुई हकीकत से अवगत कराएंगे. उन्होंने कहा, ‘मैंने अन्य नेताओं के कदम उठाने के लिए धैर्यपूर्वक कई हफ्तों तक इंतजार किया और फिर खुद ही आगे आने का फैसला किया.’ बुखारी ने कहा कि वह पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की सराहना करते हैं. उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि वह सिद्धांतों पर चलने वाले व्यक्ति हैं और अपने खुद के राजनीतिक लक्ष्यों को लेकर वह कभी भी लोगों को परेशानी में नहीं डालेंगे.’ उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी के सत्ता में आने पर वह हर तरह का समर्थन करेंगे.

उन्होंने कहा, ‘मेरा लक्ष्य लोगों को राहत मुहैया करना है. यह मेरी पार्टी के जरिए या सत्ता में आने वाली किसी अन्य पार्टी के जरिए हो सकता है. लोगों के चेहरे पर मुस्कान सुनिश्चित करने के लिए मैं पूरा समर्थन करूंगा.’ बुखारी ने कहा कि नये राजनीतिक परिदृश्य में हर पार्टी को लोगों को पूर्ववर्ती राज्य की बदली हुई हकीकत के बारे में जागरूक करना चाहिए.

उन्होंने कहा, ‘‘उन्हें हासिल किए जा सकने योग्य सपने दिखाउंगा और मृगमरीचिका नहीं. मेरा कहना है कि मैं समय को वापस नहीं ले जा सकता और जम्मू कश्मीर का विशेष दर्ज बहाल नहीं कर सकता लेकिन मैं पूर्ण राज्य की वापसी और नौकरियों एवं शिक्षा क्षेत्रों में मूल निवासियों को प्राथमिकता देने के लिए काम करूंगा.’ उन्होंने कहा कि ये सभी मेरी पार्टी के घोषणापत्र का हिस्सा होंगे, जिसका ऐलान रविवार को श्रीनगर में और बाद में अगले हफ्ते जम्मू में किया जाएगा.