लक्सर से भाजपा विधायक का दावा, यज्ञ करने और गौ मूत्र पीने से खत्म हो सकता है कोरोना वायरस

दुनिया भले अभी तक कोरोना वायरस का इलाज नहीं तलाश पाई है, लेकिन लक्सर से भाजपा विधायक संजय गुप्ता इसकी दवा बता रहे हैं. उनका दावा है कि वैदिक परंपराओं के अनुसार हवन यज्ञ और गौमूत्र-गोबर का प्रयोग इसका इलाज है. विधानसभा परिसर में मीडिया से बातचीत में संजय ने शुक्रवार (6 मार्च) कहा, “हमारी हिन्दू संस्कृति विश्व की महान संस्कृति है.

हवन-पूजन में जिस सामग्री का उपयोग होता वह वातावरण से हानिकारक तत्वों को चुटकियों में नष्ट करने की ताकत रखती है. इसी प्रकार गोमूत्र सेवन और प्रभावित स्थान पर गोबर के प्रयोग से भी कोराना वायरस को खत्म किया जा सकता है.” उन्होंने कहा कि गाय पृथ्वी का सबसे पवित्र और चमत्कारिक जीव है. उसके हर अंश में अमृतमयी औषधियां बसी हैं.

इससे पहले, असम में भाजपा की विधायक ने भी ऐसा ही दावा किया था. उन्होंने गौमूत्र और गोबर को कोरोना से निपटने में मददगार होने की बात कह सबको चौंका दिया था. सुमन हरिप्रिया ने गोमूत्र और गोबर से कैंसर जैसी घातक बीमारियां ठीक होने का दावा भी किया.

असम विधानसभा में बजट सत्र के पहले दिन मवेशियों की बांग्लादेश तस्करी के मामले पर चर्चा के दौरान उन्होंने कहा था, ”हम सबको पता है कि गाय के गोबर के कितने फायदे हैं. इसी तरह गोमूत्र का छिड़काव इलाके को शुद्ध करने के लिए भी किया जाता है… मेरा मानना है कि इसी तरह गोमूत्र और गोबर से कोरोना वायरस भी ठीक हो सकता है.”

वहीं दूसरी ओर, दुनिया के 87 देशों में शुक्रवार (6 मार्च) को कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़कर 98,123 हो गई और मृतक आंकड़ा 3,385 पर पहुंच गया. आधिकारिक सूत्रों की मदद से एएफपी द्वारा तैयार रिपोर्ट में ये तथ्य सामने आए हैं. बृहस्पतिवार (5 मार्च) तक कोरोना वायरस के 613 नए मामले सामने आए थे और 39 लोगों की मौत हुई.

हांगकांग और मकाऊ को छोड़कर चीन में कोरोना के 80,552 मामले सामने आए जिनमें से 3,042 लोगों की मौत हो गई. चीन के बाहर कुल 17,571 मामले सामने आए और 343 लोगों की कोरोना वायरस के कारण मौत हुई. चीन के बाद कोरोना से सर्वाधिक प्रभावित देशों में दक्षिण कोरिया (6,284 मामले, 42 मौत), इटली (3,858 मामले, 148 मौत), ईरान (3,513 मामले, 107 मौत) तथा फ्रांस (423 मामले, सात मौत) हैं. बृहस्पतिवार (5 मार्च) तक फलस्तीन और भूटान में भी कोरोना वायरस संक्रमण के पहले मामले सामने आ चुके हैं.