उत्तराखंडः बजट सत्र की हंगामेदार शुरुआत, प्रदर्शन कर रहे कर्मचारी गिरफ्तार

उत्तराखंड विधानसभा का बजट सत्र मंगलवार को शुरू हुआ. विधानसभा सत्र का पहला ही दिन हंगामेदार रहा. सदन के अंदर कांग्रेस के विधायकों ने जोरदार हंगामा किया, तो वहीं बाहर जनरल और अन्य पिछड़ा वर्ग के कर्मचारियों ने पदोन्नति में आरक्षण समाप्त करने की मांग को लेकर सरकार को घेरा.

बजट सत्र के दौरान जनरल और ओबीसी वर्ग के कर्मचारी धरने पर बैठ गए, जहां उनकी पुलिस से तीखी नोकझोंक भी हुई. इस प्रदर्शन का उत्तराखंड क्रांति दल ने भी समर्थन किया. पुलिस ने हंगामा बढ़ता देख कर्मचारियों और उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) के कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया.

विधानसभा के अंदर और विधानसभा के बाहर हंगामे को लेकर मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कर्मचारियों से हड़ताल वापस लेने की अपील की. उन्होंने कहा कि हमने पहले भी कर्मचारियों से हड़ताल न करने की अपील की थी. किसी भी समस्या का समाधान वार्ता से ही होता है और अभी भी समाधान बातचीत से ही होगा. हड़ताल करना किसी भी समस्या का सामाधान नहीं है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम अब भी कर्मचारियों से हड़ताल खत्म करने का आग्रह कर रहे हैं. उन्होंने बजट सत्र को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इस पर पूरे प्रदेश की निगाहें टिकी हैं. चाहे सरकार हो या कर्मचारी, सबको प्रदेश की जनता के प्रति जिम्मेदारी समझनी चाहिए और निभानी भी चाहिए.

वहीं, जनरल ओबीसी कर्मचारी संगठन के प्रदेश अध्यक्ष दीपक जोशी ने कहा कि पूरे देश और तमाम राज्यों में पदोन्नति में आरक्षण समाप्त करने की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन हो रहे हैं. सरकार ने अगर इस वर्ग के लोगों को प्रताड़ित करने की कोशिश की तो यूपी के 16 लाख कर्मचारी और तमात राज्य के कर्मचारी बिना किसी सूचना के हड़ताल पर चले जाएंगे.

इस दौरान पहुंचे भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत के सामने भी कर्मचारियों ने जमकर हंगामा किया. इसके बाद दीपक जोशी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. सरकार पर दबाव बनाने के लिए पौड़ी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, अल्मोड़ा के कर्मचारी गैरसैंण (भराड़ीसैंण) पहुंचे हैं. उत्तराखंड क्रांति दल के कार्यकर्ताओं ने भी विधानसभा के बाहर प्रदर्शन किया. यूकेडी के प्रवक्ता सतीश सेमवाल ने सत्ताधारी भाजपा के साथ ही कांग्रेस पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि भाजपा और कांग्रेस को राज्य की कोई चिंता नहीं है. उन्हें उत्तर प्रदेश की अधिक चिंता है. सेमवाल ने कहा कि अलग राज्य के लिए हुए आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि बलिदानों को दरकिनार कर अब यह दोनों पार्टियां उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्से को उत्तराखंड में मिलाना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि हम इसका पुरजोर विरोध करेंगे.