कमलनाथ सरकार खतरे में! कांग्रेस के चार विधायक गुरुग्राम के होटल में

मध्य प्रदेश में 15 महीने पुरानी कांग्रेस सरकार पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं. कांग्रेस ने आरोप लगाया कि दिल्ली के पास गुड़गांव में एक होटल में आठ विधायकों को बीजेपी ने जबरदस्ती रखा था. जिसमें होटल में कांग्रेस के 4 विधायक, एसपी-बीएसपी के 1-1 विधायक और दो निर्दलीय विधायक हैं. रात भर नाटक चला, कांग्रेस के सीनियर नेताओं को अपने बैग के साथ एक सदस्य को बाहर निकालते देखा गया. मध्य प्रदेश के मंत्री और कांग्रेस नेता जीतू पटवारी और जयवर्धन सिंह गुरुग्राम के मानेसर में आईटीसी रिजॉर्ट से बीएसपी विधायक रमाबाई को अपने साथ ले गए. एमपी के 8 विधायकों को कथित तौर पर बीजेपी द्वारा होटल में उनके इच्छा के विरुद्ध रखा हुआ था. दिग्विजय सिंह के मुताबिक अब भी उनके साथ चार विधायक हैं.

शिवराज पर कमलनाथ सरकार को गिराने का आरोप लगाने वाले कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि जब हमें पता चला, तो जीतू पटवारी और जयवर्धन सिंह वहां गए. जिन लोगों के साथ हमारा संपर्क हुआ वे हमारे पास वापस आने के लिए तैयार थे. हम बिसाहूलाल सिंह और रमाबाई के संपर्क में थे. बीजेपी के रोकने की कोशिश के बावजूद रमाबाई वापस आईं. दिग्विजय सिंह बताया कि बीजेपी के रामपाल सिंह, नरोत्तम मिश्रा, अरविंद भदौरिया, संजय पाठक उन्हें पैसा देने जा रहे थे. अगर कोई छापा पड़ा होता, तो वे पकड़े गए होते. हमें लगता है कि 10-11 विधायक थे. अब मात्र उनके साथ चार बचे हैं. वे भी हमारे साथ आ जाएंगे.

इससे पहले सोमवार को दिग्विजय सिंह ने कहा था कि कांग्रेस विधायकों को फोन कर खुलेआम 25 से 35 करोड़ रुपए की पेशकश की जा रही है और कहा जा रहा है कि 5 करोड़ अभी ले लो, दूसरी किश्त राज्यसभा चुनाव में और तीसरी किश्त सरकार गिराने के बाद दी जाएगी. साथ ही उन्होंने कहा था कि मैं बिना तथ्यों के आरोप नहीं लगाता.

दिग्विजय सिंह के आरोपों शिवराज ने कहा था कि दिग्विजय सिंह झूठ बोलकर सनसनी फैलाते हैं. यह उनकी आदत है और कांग्रेस में अपने नेताओं पर दबाव बनाने के लिए वह इस तरह की हरकतें करते हैं. उन्होंने कहा कि इनका कोई काम नहीं हुआ होगा, जिसको करवाने के लिए कमलनाथ पर दबाव बनाने के लिए ऐसी हरकतें कर रहे हैं. इनके दिमाग में क्या चल रहा है, इसका अंदाजा लगाना किसी के बस का नहीं है, हर समय कोई फितूर चलता रहता है.