सीएम रावत ने की बड़ी घोषणा, गैरसैंण उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी होगी

बुधवार को उत्तराखंड बजट सत्र के दौरान सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने एक बड़ी घोषणा कर दी. लंबे समय से चले आ रहे कयासों के बीच सीएम ने गैरसैंण(भराड़ीसैंण) को उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित कर दिया. बता दें कि कर्णप्रयाग के विधायक सुरेंद्र सिंह नेगी ने हाल ही में मुख्यमंत्री से मिलनकर भराड़ीसैंण में होने वाले सत्र के दौरान गैरसैंण को उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित करने की मांग की थी.

वहीं, गैरसैंण (भराड़ीसैंण) को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने का भाजपा का यह चुनावी संकल्प था. उसने चुनाव संकल्प पत्र में इस मुद्दे को शामिल किया था. आम तौर पर सत्तारूढ़ दल के लिए चौथा साल चुनावी घोषणाओं को पूरा करने का साल होता है. प्रदेश में भाजपा सरकार तीन साल पूरे होने जा रहे हैं. इससे पहले ही सरकार ने यह एतिहासिक फैसला लिया है.

उत्तराखंड में राजधानी का मुद्दा जनभावनाओं से जुड़ा है. राज्य गठन के बाद से ही प्रदेश में पहाड़ की राजधानी पहाड़ में बनाए जाने को लेकर आवाज उठती रही हैं. राज्य आंदोलन के समय से ही गैरसैंण को जनाकांक्षाओं की राजधानी का प्रतीक माना गया है. यही वजह है कि कांग्रेस और भाजपा की सरकारें गैरसैंण को खारिज नहीं कर पाई.

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने जब गैरसैंण में विधानमंडल भवन बनाया तब उन पर भी राजधानी घोषित करने का दबाव बना था. लेकिन उन्होंने घोषणा नहीं की. राजनीतिक आंदोलन से जुड़ा एक वर्ग गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाए जाने की वकालत करता है.