सोनिया और राहुल को तय करना है, कौन संभालेगा पार्टी का शीर्ष पद

पूर्णकालिक कांग्रेस प्रमुख के पद पर नियुक्ति की उठ रही मांग के बीच पार्टी के एक शीर्ष सूत्र ने सोमवार को कि कहा कि केवल सोनिया गांधी, राहुल गांधी और कांग्रेस कार्य समिति ही तय करेगी कि ये बदलाव कब लाया जाए. पार्टी के एक शीर्ष सूत्र ने कहा कि यह निर्णय केवल सोनिया और राहुल गांधी द्वारा लिया जाना है. कोई अन्य इस बारे में अनुमान भी नहीं लगा सकता.

सोमवार को जब संसद का सत्र शुरू हुआ तो राहुल संसद के बाहर गांधी प्रतिमा के पास सांसदों के साथ दिल्ली में हुई हिंसा का विरोध कर रहे थे. सांसदों ने गृहमंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग भी की. विरोध प्रदर्शन के बाद राहुल और सोनिया गांधी एक ही गाड़ी में संसद से रवाना हो गए.

रविवार को ही पूर्व कानून मंत्री अश्विनी कुमार ने सलाह दी थी कि राहुल गांधी को जल्द ही पार्टी की कमान संभाल लेनी चाहिए. कई अन्य कांग्रेस नेता भी कहते रहे हैं कि पार्टी प्रमुख के चुनाव के लिए 6 महीने की सीमा पहले ही खत्म हो चुकी है. ऐसे में पार्टी संविधान के मुताबिक, कांग्रेस को जल्द से जल्द नया अध्यक्ष चुन लेना चाहिए.

सोनिया गांधी पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष हैं और पूर्णकालिक अध्यक्ष बने रहने के लिए उन्हें अखिल भारतीय कांग्रेस समिति से समर्थन लेना होगा. बता दें कि 2019 के लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद राहुल गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष का पद छोड़ दिया था. इसके बाद कांग्रेस कार्य समिति ने पिछले साल 10 अगस्त को सोनिया गांधी को अंतरिम अध्यक्ष के तौर पर नामित किया था. पार्टी को 10 फरवरी तक अपना नया नेता चुन लेना चाहिए था.

हाल ही में पार्टी के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने कहा था कि पार्टी में नेतृत्व का कोई संकट नहीं है. पार्टी सूत्रों की मानें तो 3 अप्रैल को संसद के बजट सत्र के समापन के बाद एआईसीसी का सत्र आयोजित हो सकता है. सूत्र कहते हैं कि राहुल गांधी को पार्टी प्रमुख के पद पर दोबारा नियुक्ति किया जाना तय है.

इस बीच, इस मुद्दे पर भी पार्टी में तनातनी पैदा हो गई है. एक धड़ा सोनिया गांधी के समर्थन में है, तो दूसरा राहुल गांधी की वापसी चाहता है. वहीं, एक वर्ग ऐसा भी है जो प्रियंका गांधी की पार्टी प्रमुख के पद पर नियुक्ति चाहता है.

वहीं शशि थरूर और संदीप दीक्षित जैसे नेता भी हैं जो चाहते हैं गांधी परिवार से बाहर के किसी नेता को पार्टी प्रमुख चुना जाए.

पार्टी प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा, “पार्टी में सर्वसम्मति है कि सोनिया गांधी को पूर्णकालिक अध्यक्ष बनाया जाना चाहिए. इसके अलावा किसी अन्य को पार्टी अध्यक्ष के तौर पर देखने से पहले हमें वैचारिक मुद्दों को सुलझाना होगा, जिसमें कम से कम 1 साल का समय लगेगा.”