निर्भया के चारों दोषियों की एक बार फिर टली फांसी, पवन गुप्ता ने अंतिम समय में लगाई थी दया याचिका

निर्भया के गुनहगारों मुकेश सिंह, विनय शर्मा, पवन गुप्ता और अक्षय सिंह की फांसी एक बार फिर टल गई है. इसका अर्थ यह है कि अब उन्हें तीन मार्च सुबह 6 बजे फांसी नहीं दी जाएगी.

सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए पवन गुप्ता की क्यूरेटिव याचिका को खारिज कर दी थी. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद उसके पास सिर्फ एक ही उपाय बचा था कि वो राष्ट्रपति के सामने दया अर्जी लगाए.

सोमवार को ही पवन की क्यूरेटिव याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की है, तो साथ ही पटियाला हाउस कोर्ट ने डेथ वॉरंट पर रोक लगाने की अक्षय और पवन की याचिका खारिज कर दी. दो झटकों के बाद निर्भया के वकील एपी सिंह ने अब आखिरी दांव चला. दोपहर में पवन की ओर से दया याचिका राष्ट्रपति के पास दी और इसके तुरंत बाद डेथ वॉरंट पर रोक लगाने के लिए पटियाला हाउस कोर्ट में अर्जी लगाई गई है, जहां फैसला सुरक्षित रख लिया गया था.

मामला दिसंबर 2012 में राष्ट्रीय राजधानी में एक 23 वर्षीय लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म और हत्या से संबंधित है, जिसे बाद में निर्भया नाम दिया गया. इस मामले में एक किशोर सहित 6 लोगों को आरोपी बनाया गया था. छठे आरोपी राम सिंह ने मामले में मुकदमा शुरू होने के बाद तिहाड़ जेल में आत्महत्या कर ली. किशोर को 2015 में सुधारगृह में तीन साल बिताने के बाद रिहा कर दिया गया था. अन्य चार दोषियों पवन, अक्षय, विनय और मुकेश कुमार को फांसी की सजा सुनाई गई है.