डिप्टी सीएम अजित पवार ने दिए संकेत, बीएमसी चुनाव में भी साथ आ सकते हैं सीएम उद्धव और शरद पवार

रविवार को महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और एनसीपी नेता नेता अजित पवार ने कार्यकर्ताओं से कहा कि आपको हमारे सहयोगियों के बारे में गलतफहमी नहीं होनी चाहिए क्योंकि आने वाले दिनों में हमें एक साथ चुनाव लड़ना है. अजित पवार ने आगे कहा, बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) में शिवसेना नंबर एक पर है. वो हमारी गठबंधन की सहयोगी है, इसलिए वह पहले स्थान पर रहे, लेकिन एनसीपी को आगामी बीएमसी चुनाव में दूसरे नंबर पर आने की कोशिश करनी चाहिए.

दरअसल, वर्ष 2022 में बीएमसी के चुनाव होने हैं और एनसीपी नहीं चाहती की इस बार उसका हश्र साल 2017 के चुनाव जैसा हो. पिछले बीएमसी चुनाव में एनसीपी और कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा था. जहां कांग्रेस ने 31 सीटों पर जीत दर्ज की तो वहीं एनसीपी 9 सीटों पर ही सिमट गई थी. 2017 के बीएमसी चुनाव में बीजेपी और शिवसेना का परचम लहराया था, शिवसेना ने सबसे ज्यादा 84 सीटें और भाजपा ने 82 सीटें अपने नाम कीं. मालूम हो कि बीएमसी में कुल 227 सीटें हैं.

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने नागर‌िकता कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनपीआर) का विरोध कर रहे लोगों को आश्वासन दिलाते हुए कहा कि इस कानून से किसी की नागरिकता नहीं जाएगी. उन्होंने आगे कहा कि लोग सीएए और एनपीआर को लेकर देश में भ्रम फैला रहे हैं. ऐसे में बिहार की तर्ज पर महाराष्ट्र में इसके खिलाफ कानून पास करने की आवश्यकता नहीं है.

बता दें कि पिछले महीने दिल्ली दौरे पर आए सीएम उद्धव ठाकरे ने पीएम मोदी से मुलाकात की थी. इसके बाद उद्धव ठाकरे ने भी सीएए का समर्थन करते हुए कहा था कि नागरिकता संशोधन कानून से किसी की नागरिकता को खतरा नहीं है. उन्होंने कहा था कि सीएए पर मुसलमानों को डराया जा रहा है.