लखनऊ पुलिस का बड़ा खुलासा रणजीत बच्चन की दूसरी पत्नी ने रची थी हत्या की सजिश

यूपी की राजधानी लखनऊ के हजरतगंज इलाके में हिंदू महासभा के यूपी अध्यक्ष रणजीत श्रीवास्तव बच्चन की हत्या के मामले में पुलिस ने गुरुवार को उनकी पत्नी स्मृति वर्मा, उसके प्रेमी व मुख्य आरोपी दीपेंद्र तथा उसके कार चालक संजीत को गिरफ्तार कर वारदात का खुलासा किया. पुलिस आयुक्त सुजीत कुमार पांडेय ने पत्रकारों को बताया कि रणजीत को दीपेंद्र के चचेरे भाई जितेंद्र ने गोली मारी थी, जो फरार है. आरोपी की तलाश में पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं. जितेंद्र पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है. स्मृति जवाहर भवन के कोषागार में कनिष्ठ लिपिक के पद पर कार्यरत है.

उन्होंने बताया कि स्मृति के प्रेमी देवेंद्र ने रणजीत बच्चन की हत्या के लिए उसे उकसाया था. स्मृति की गिरफ्तारी लखनऊ के विकास नगर स्थित उसके आवास से हुई है.

पुलिस आयुक्त ने बताया कि रणजीत की दूसरी बीवी स्मृति के प्रेमी दीपेंद्र ही रणजीत का कातिल है. इस वारदात में स्मृति भी शामिल है, क्योंकि वह रणजीत से छुटकारा पाकर दीपेंद्र के साथ रहना चाहती थी.

इससे पहले, रणजीत के ससुरालवालों ने बताया था कि उनके दामाद एक ही घर में पत्नी और प्रेमिका दोनों को रखे हुए थे. अवैध संबंधों को लेकर पति-पत्नी में अनबन भी हुई थी. रणजीत पहली पत्नी को भी धमकाते रहते थे, जिससे परेशान होकर पत्नी ने महिला थाने में शिकायत भी की थी.

घटना के दौरान घायल रिश्तेदार आदित्य के मुताबिक, रणजीत घटना से एक दिन पहले अपने एक परिचित अभिषेक पटेल और उसकी पत्नी ज्योति पटेल के साथ गोरखपुर से चले थे.

रणजीत ने फरवरी, 2015 में खुद को अविवाहित बताकर आर्य समाज मंदिर में विकासनगर सेक्टर-2 निवासी स्मृति से शादी की थी. कुछ माह बाद स्मृति को पता चला कि रणजीत शादीशुदा हैं और कालिंदी उनकी पहली पत्नी हैं. इसके बाद दोनों में अनबन शुरू हो गई थी. हालांकि, इस दौरान स्मृति गर्भवती हो चुकी थी और उसने एक बच्चे को जन्म दिया. बताया जा रहा है कि बच्चे का स्मृति ने गोदनामा बनवा रखा है.