कर्नाटक: विश्वासमत पर वोटिंग के दौरान बीएसपी विधायक अनुपस्थित, मायावती ने दिखाया पार्टी से बाहर का रास्ता

मंगलवार (23 जुलाई) को कर्नाटक में एचडी कुमारस्वामी के नेतृत्व वाली कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन की सरकार गिर गई. इस बीच विश्वासमत पर वोटिंग के दौरान बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) से विधायक एन महेश विधानसभा में अनुपस्थित रहे, जिसके बाद बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने उनके खिलाफ एक्शन लिया है. उन्होंने एन महेश को पार्टी से निष्कासित कर दिया है. मायावती ने इसकी जानकारी ट्वीट कर दी है.

मायावती ने ट्वीट कर कहा, ‘कर्नाटक में कुमारस्वामी सरकार के समर्थन में वोट देने के पार्टी हाईकमान के निर्देश का उल्लंघन करके बीएसपी विधायक एन महेश आज विश्वास मत में अनुपस्थित रहे जो अनुशासनहीनता है जिसे पार्टी ने अति गंभीरता से लिया है और इसलिए महेश को तत्काल प्रभाव से पार्टी से निष्कासित कर दिया गया.

बता दें कि बसपा प्रमुख मायावती ने कर्नाटक में पार्टी के एकमात्र विधायक को राज्य में एचडी कुमारस्वामी सरकार के समर्थन में वोट करने का निर्देश दिया था. बसपा प्रमुख ने रविवार को एक ट्वीट में कहा था, “बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने बसपा विधायक से कुमारस्वामी सरकार के समर्थन में वोट करने का निर्देश दिया है.” एन महेश कर्नाटक में बसपा के एकमात्र विधायक हैं. कर्नाटक में एच डी कुमारस्वामी नीत कांग्रेस…जदएस गठबंधन सरकार के भविष्य का फैसला हो गया है. एन महेश ने सरकार के पक्ष में मतदान नहीं किया. वह सदन में गैरहाजिर रहे.

वहीं, आखिरकार कर्नाटक का नाटक का अंत हो गया. कर्नाटक में मुख्यमंत्री कुमारस्वामी के नेतृत्व वाली कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन की सरकार गिर गई है. मंगलवार को कर्नाटक विधानसभा में विश्वासमत प्रस्ताव एचडी कुमारस्वामी ने पेश की थी. विश्वास मत के पक्ष में 99 वोट पड़े जबकि विरोध में 105 वोट पड़े.

विधानसभा अध्यक्ष केआर रमेश कुमार ने मंगलवार की सुबह कांग्रेस के 12 बागी को सदन में 11 बजे तक उपस्थित होने के लिए कहा था, लेकिन सभी बागी विधायकों ने निजी कारण का हवाला दिया और सदन में उपस्थित दर्ज कराने के लिए और वक्त की मांग की. उनका कहना था कि विधानसभा अध्यक्ष उन्हें मुलाकात के लिए चार सप्ताह का समय दें.

वहीं, बीजेपी के पास अपने विधायकों की संख्या 105 थी. इसके बाद दो निर्दलीय विधायक बीजेपी के साथ आ गए, जिससे कांग्रेस-जेडीएस सरकार डामाडोल हो गई और सूबे में सत्ता से हाथ धोना पड़ा है.