चारा घोटाला : लालू को दो अलग-अलग धाराओं में 7-7 साल की सजा

शनिवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की एक विशेष अदालत ने चारा घोटाले के चौथे मामले में दो अलग-अलग धाराओं में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू यादव को सात-सात साल जेल की सजा सुनाई है. इसके साथ ही उन पर 60 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है.

हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि ये दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी या अलग-अलग. लालू यादव के वकील ने कहा कि शाम तक यह स्पष्ट हो जाएगा. सीबीआई जज शिवपाल सिह ने सजा का ऐलान कर दिया.

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री के वकील प्रभात कुमार ने संवाददाताओं को बताया, “लालू प्रसाद को भारतीय दंड संहिता के तहत सात साल कैद की सजा सुनाई गई है और साथ में 30 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है. इसके साथ ही भ्रष्टाचार निवारक अधिनियम के तहत सात साल कैद की सजा सुनाई है और 30 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है.”

यदि यह दोनों सजाएं एक के बाद चलेंगी तो लालू को 14 साल जेल में बिताने होंगे. अदालत ने 19 मार्च को अपने फैसले में लालू प्रसाद को चौथे चारा घोटाले में दोषी ठहराया गया है लेकिन राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा को बरी कर दिया गया था.

रांची में चारा घोटाले में लालू प्रसाद और मिश्रा के खिलाफ पांच-पांच मामले चल रहे हैं. इस मामले में 31 आरोपी हैं, जिनमें से 19 को दोषी ठहराया गया है जबकि 12 को बरी कर दिया गया. लालू को पहले चारा घोटाले में 2013 में दोषी ठहराया गया था और पांच साल जेल की सजा सुनाई गई थी.