आज है चैत्र नवरात्र का दूसरा दिन, मां ब्रह्मचारिणी की ऐसे करें पूजा मिलता है ये आशीर्वाद

रविवार से साल का पहला चैत्र नवरात्र का महीना शुरू हो चुका है. आज मां दुर्गा के दूसरे स्वरुप ब्रह्मचारिणी का दिन है. इस बार ग्रीष्म चैत्र नवरात्रि 18 मार्च से शुरु होकर 25 मार्च तक चलेंगे.

हिन्दू धर्म ग्रंथों में इन्हें मठ की देवी के रूप में माना गया है. सफेद साड़ी पहने हुए एक हाथ में रूद्राक्ष माला और एक में पवित्र कमंडल धारण करें हैं. देवी का यह रूप अत्यन्त धार्मिकता और भक्ति का है.

मां ब्रह्मचारिणी को ज्ञान, तपस्या और वैराग्य की देवी माना जाता है. कठोर साधना और ब्रह्म में लीन रहने के कारण इनको ब्रह्मचारिणी कहा गया. छात्रों और तपस्वियों के लिए इनकी पूजा करनी चाहिए.

ये है पूजा विधि
कहते हैं कि मां ब्रह्मचारिणी की उपासना के समय पीले या सफेद वस्त्र ही पहनने चाहिए.

कहते हैं कि मां ब्रह्मचारिणी को सफेद वस्तुएं अर्पित करें जैसे- मिश्री, शक्कर या पंचामृत.

कहते हैं कि मां ब्रह्मचारिणी की पूजा के समय स्वाधिष्ठान चक्र पर ज्योति का ध्यान करें या उसी चक्र पर अर्ध चन्द्र का ध्यान करें. इससे मन में शांति बनी रहती है.

कहते हैं कि मां ब्रह्मचारिणी की पूजा विधि के समय भक्त को “ऊं ऐं नमः” का जाप करना चाहिए और जलीय और फलाहार पर विशेष ध्यान देना चाहिए.

ये है मां ब्रह्मचारिणी का जाप मंत्र
दधाना करपद्माभ्यामक्षमालाकमण्डलू.

देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा॥

अंत में दूसरे नवरात्रि के दिन मां को शक्कर का भोग लगाएं और भोग लगाने के बाद इसे घर में सभी सदस्यों को दें. इससे उम्र में वृद्धि होती है.