आधार धारक ध्यान दें! इन उपायों से आधार डाटा रहेगा सुरक्ष‍ित

हम आपको बताएगें ऐसी चीजें, जिनसे आप अपने आधार डाटा को हमेशा सुरक्ष‍ित रख सकते हैं. इन तरीकों से आप न सिर्फ अपना आधार डाटा सुरक्ष‍ित रख पाएंगे, बल्क‍ि गलती से शेयर होने की आशंका होने पर भी सुरक्षा के लिए इनका इस्तेमाल किया जा सकता है.

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआइडीएआई) ने आम लोगों को आधार नंबर ऑनलाइन शेयर करते वक्त सावधानी बरतने की हिदायत दी है. दरअसल आधार नंबर एक अहम दस्तावेज बनता जा रहा है. इसलिए इससे जुड़ी जानकारी को साझा करते वक्त आपके लिए सतर्कता बरतना जरूरी है.

बिना वजह जानें न करें शेयर : आप जब भी किसी को अपने आधार की डिटेल दें, तो पहले इसकी वजह जान लें. आपको पता होना चाहिए कि आपका आधार किस काम के लिए यूज किया जा रहा है. यूआईडीएआई ने कहा है कि कभी भी बिना वजह जाने आधार डिटेल शेयर न करें.

ऐप के इस्तेमाल में बरतें सावधानी : आधार से जुड़े काम आप मोबाइल के जरिये भी कर सकते हैं, लेक‍िन इसके लिए फिलहाल दो ही आध‍िकारिक ऐप हैं. ऐसे में हमेशा यह ध्यान रख‍िये कि आप किसी भी अनाध‍िकृत ऐप का इस्तेमाल करने से बचें. क्योंकि इससे आपकी आधार डिटेल लीक होने का खतरा पैदा हो जाएगा.

आप चाहें तो मोबाइल से आधार ऑपरेट करने के लिए mAadhar और UMANG ऐप डाउनलोड कर सकते हैं. ये सरकार की तरफ से जारी किए गए ऐप हैं.

बायोमैट्रिक ब्लॉक करें : अगर कभी भी आपको ऐसा लगता है कि आपकी आधार डिटेल चोरी हो गई है और लगता है कि बायोमैट्रिक डिटेल भी चोरों को मिलना संभव है. ऐसी स्थ‍िति में आप अपना बायोमैट्रि‍क ब्लॉक कर सकते हैं.

इसके लिए आप आधार अथॉरिटी यूआईडीएआई की वेबसाइट पर जा सकते हैं. इससे कोई भी आपके आधार को किसी तरह यूज नहीं कर पाएगा. जब आपको ऐसा लगे कि अब जोख‍िम नहीं है, तो आप अपना बायोमैट्रिक अनलॉक कर सकते हैं.

हर जगह न दें बायोमैट्रिक : किसी भी संद‍िग्ध जगह पर अपना बायोमैट्रिक और आधार डिटेल न दें. क्योंकि आपका बायोमैट्रिक ही सबसे संवेदनशील जानकारी है, जो आधार डिटेल की चोरी में अहम भूमिका निभा सकता है.

शेयर हो भी जाए तो न करें चिंता: यूआईडीएआई ने साफ किया है कि अगर आपका आधार नंबर चोरी हो भी जाता है या फिर इसे आप कहीं सार्वजनिक कर भी देते हैं, तो भी इसका गलत इस्तेमाल बायोमैट्रिक इंफोर्मेशन के बिना संभव नहीं है.