AAP को टूटने से बचा पाएंगे अरविंद केजरीवाल? आज होगी अहम बैठक

केजरीवाल ने पंजाब विधानसभा के पिछले चुनावों के दौरान शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) के नेता एवं पंजाब सरकार के पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया पर मादक पदार्थों के कारोबार में शामिल होने के आरोप लगाए थे, लेकिन पिछले दिनों‘ आप’ प्रमुख ने अपने आरोपों पर मजीठिया से माफी मांग ली, जिसके बाद पार्टी की प्रदेश इकाई में संकट पैदा हो गया.

शनिवार को पंजाब से पार्टी के तीन विधायकों ने केजरीवाल से मिलकर अपना असंतोष जाहिर किया है. वहीं अरविंद केजरीवाल के करीबी माने जाने वाले पंजाब आम आदमी पार्टी के बड़े नेता जरनैल सिंह ने भी अरविंद केजरीवाल के बयान पर नाराज़गी जताई. उनका कहना है कि अरविंद केजरीवाल को गलत सलाह दी गई है. एसआईटी की रिपोर्ट मजीठिया के खिलाफ है. पार्टी को विधायकों से बात करनी ही चाहिए.

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के अकाली दल नेता बिक्रम मजीठिया से लिखित माफी मांगने के बाद उनकी पार्टी में शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. सीएम केजरीवाल के इस कदम के बाद आम आदमी पार्टी (आप) की पंजाब इकाई के नेता बगावती तेवर अपनाए हुए हैं.

इस विवाद को शांत करने के लिए AAP के केंद्रीय नेतृत्व ने अपनी पंजाब इकाई के नेताओं एवं विधायकों को रविवार को राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के साथ बैठक के लिए दिल्ली बुलाया है. इस बैठक में पंजाब के विधायक और विपक्ष के नेता सुखपाल खैरा ने बैठक में आने से मना कर दिया है. अब पार्टी के सामने ये भी बड़ा संकट पैदा हो गया है कि क्या इस बैठक में पंजाब से आम आदमी पार्टी के सभी विधायक हिस्सा लेंगे.

‘आप’ की पंजाब इकाई के अध्यक्ष भगवंत मान और सह-अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने शुक्रवार को अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था. ‘ आप’ को एक और झटका देते हुए उसकी गठबंधन सहयोगी लोक इंसाफ पार्टी (एलआईपी) ने केजरीवाल द्वारा मजीठिया से माफी मांगने के बाद अपना गठबंधन तोड़ने का ऐलान किया.

वरिष्ठ नेता और‘ आप’ के विधायक कंवर संधु ने कहा, ‘हमें दिल्ली के शिक्षा मंत्री से संदेश मिला है और कॉल आया है कि दिल्ली में रविवार को एक बैठक है. हमें बताया गया है कि अरविंद जी भी बैठक में होंगे.’

बहरहाल, संधु ने कहा कि वह बैठक में हिस्सा नहीं लेंगे. उन्होंने कहा, ‘शनिवार को ज्यादातर विधायकों ने फैसला किया था कि केंद्रीय नेतृत्व के साथ भविष्य की बैठक चंडीगढ़ में ही होनी चाहिए.’ पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुखपाल सिंह खैरा ने यह भी कहा कि वह बैठक में शामिल होने दिल्ली नहीं जाएंगे. उन्होंने कहा, ‘मेरा मानना है कि ज्यादातर विधायक बैठक में हिस्सा नहीं लेंगे.’